Tuesday , 24 February 2026
Home Uncategorized Sunderkand: 7 सालों से हर शनिवार हो रहा सुंदरकाण्ड पाठ
Uncategorized

Sunderkand: 7 सालों से हर शनिवार हो रहा सुंदरकाण्ड पाठ

7 सालों से हर शनिवार हो रहा सुंदरकाण्ड

धार्मिकता और सामाजिक समरसता को बनाए रखना उद्देश्य

Sunderkand: मुलताई। युवाओं द्वारा प्रत्येक शनिवार को श्रीरामचरित मानस के सुंदरकाण्ड का पाठ किया जाता है। यह सिलसिला विगत 7 सालों से चला आ रहा है। युवाओं द्वारा घर-घर सुंदरकाण्ड पाठ करते हैं। आज सुबह 9 बजे से अरिहंत लॉन में स्वामणि का आयोजन किया गया। इस आयोजन की शुरुआत युवाओं ने समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की थी। इस आयोजन में शहर के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में भक्तजन शामिल हुए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पाठ न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि समाज को जोडऩे और सकारात्मकता फैलाने का एक माध्यम भी है।


आगे भी जारी रहेगा सुंदरकांड पाठ


सुंदरकांड मंडल के मोनू मिश्रा, नमन अग्रवाल, सौरभ खंडेलवाल, सौरभ भार्गव, कान्हा अग्रवाल, रितेश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, बंटी मिश्रा, अमन शर्मा, चीनू मिश्रा, अमीश मिश्रा, विक्की कड़ुकर, रूपेश खंडेलवाल सहित अन्य युवाओं ने बताया कि सुंदरकांड का पाठ आने वाले शनिवारों में भी नियमित रूप से जारी रहेगा। 6 अक्टूबर 2018 से लगातार सुंदरकांड हर शनिवार आयोजित हो रहा है।
इन युवाओं ने कहा कि हमारा उद्देश्य धार्मिकता और सामाजिक समरसता को बनाए रखना है। यह आयोजन समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, और हम इसे अनवरत जारी रखेंगे।”इस अवसर पर भक्तों को प्रसाद वितरण के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Reactions: सांसद की रेल मंत्री से मिलने पर आई तीखी प्रतिक्रियाएं

वर्षों से स्टापेज और ट्रेनों की मांग को लेकर निराश चुके हैं...

Features: PhonePe ने लॉन्च किया बायोमेट्रिक UPI पेमेंट फीचर

अब फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से होगा भुगतान, बार-बार PIN डालने की...

Bouncing up: सोना-चांदी में तेज उछाल, 10 ग्राम सोना ₹1.58 लाख के पार

IBJA के मुताबिक एक दिन में सोना ₹3,362 और चांदी ₹15,236 महंगी...

Serious condition: दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक भारत, फिर भी मिलावट में चिंताजनक स्थिति

एफएसएसएआई रिपोर्ट में 38% नमूने अमानक, पैकेज्ड दूध पर भी उठे सवाल...