पालकों और ग्रामीणों ने की सराहना
Appreciate: बैतूल। विगत दिनों शिक्षकों की सतर्कता और तत्परता के चलते अप्रिय घटना घटित होने से बच गई। जिससे बच्चे व पालकों ने राहत की सांस लेकर स्कूल पहुंचकर शिक्षकों का सम्मान करते हुए बच्चों को घर पहुंचने पर उसकी आंखों से आंसू झलक उठे। मंगलवार शाम ढोंडवाड़ा स्कूल की छात्र-छात्राएं नियत समय पर स्कूल बंद होने पर अपने गांव सावंगा और सेलगांव के लिए निकले। रास्ते में हल्की बारिश हो रही थी इसलिए बच्चे घर रवाना हो गए लेकिन करंजी नाले के ऊपरी हिस्से में अचानक तेज होने के कारण नाले के रपटे पर से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। जिसके कारण बच्चे लेट होने के चलते पालकों व ग्रामीणों ने शिक्षकों से तत्काल संपर्क किया।
शिक्षकों ने संवेदनशीलता दिखाता हुए संस्था के वरिष्ठ कैलाश पवार व मदनलाल डढोरे ने नाले पर पहुंचकर चौ पहिया वाहन की व्यवस्था कर दूसरे सुरक्षित रास्ते से बच्चों को सकुशल घर तक पहुंचाया। बच्चों को घर सकुशल देखकर पलकों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शिक्षकों के इस प्रयास की सभी ग्रामीणों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षकों का यह प्रयास अन्य शिक्षकों के लिए अनुकरणीय पहल है। शिक्षकों की इस साहसिक पहल पर पालक शिक्षक संघ के सदस्यों ने स्वागत किया इस दौरान प्राचार्य मीना डंडारे, प्रीति बाला माकोड़े, अशोक कुमार इवने, कैलाश पवार, हेमलता चौधरी, योगेन्द्र कुमार मेहरा, डॉ.कलावती हारोड़े, महेन्द्र पंवार, आशा अरोरा, राजेन्द्र कुमार बेले, शारदा माथनकर, जाग्रति भावसार, पूनम काले, अजीत बारंगे, जयदेव डोंगरे, मदनलाल डढोरे, होसीलाल उइके, अशोक कुमार पवार, राजु गंगारे, संदीप पांडे, सुभाष सातनकर, विनीता ठाकुर सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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