Friday , 23 January 2026
Home Uncategorized Spending Limit: प्रत्याशियों की चुनावी खर्च सीमा में 10% तक बढ़ोतरी की तैयारी, सरपंच अब ₹55 हजार तक खर्च कर सकेंगे
Uncategorized

Spending Limit: प्रत्याशियों की चुनावी खर्च सीमा में 10% तक बढ़ोतरी की तैयारी, सरपंच अब ₹55 हजार तक खर्च कर सकेंगे

प्रत्याशियों की चुनावी खर्च सीमा में 10%

Spending Limit: जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले प्रत्याशियों के लिए चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग खर्च की अधिकतम सीमा में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकता है। इससे पंच, सरपंच और जिला परिषद सदस्य जैसे उम्मीदवार अब पहले से अधिक खर्च कर पाएंगे।

वर्तमान में सरपंच पद के लिए चुनावी खर्च की सीमा ₹50,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹55,000 किया जा सकता है। वहीं, जिला परिषद सदस्य की सीमा ₹1.50 लाख से बढ़ाकर ₹1.65 लाख तक की जा सकती है।


📊 6 साल बाद फिर बढ़ेगी चुनावी खर्च सीमा

राजस्थान में पंचायत चुनावों की खर्च सीमा 2019 में अंतिम बार बढ़ाई गई थी, जब इसे 2014 की तुलना में लगभग दोगुना किया गया था। अब 6 साल बाद फिर से इसमें बढ़ोतरी की तैयारी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, “महंगाई को देखते हुए खर्च सीमा समय-समय पर बढ़ाई जाती है। जनप्रतिनिधियों ने भी इस सीमा में बढ़ोतरी की मांग की है।”

अगर आयोग खर्च सीमा नहीं बढ़ाता है तो प्रत्याशी “धनबल” का सहारा ले सकते हैं, जिससे चुनावों की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है


💬 वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ की राय

“भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हर निर्णय लोगों की मांग पर आधारित होता है। अगर आयोग खर्च सीमा में बढ़ोतरी पर विचार कर रहा है, तो इसकी एक बड़ी वजह महंगाई भी हो सकती है,” उन्होंने कहा।


💰 जमानत राशि भी हो सकती है दोगुनी

सूत्रों के अनुसार, आयोग जमानत राशि (Security Deposit) बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।

  • सरपंच पद के लिए फिलहाल ₹500 की जमानत राशि तय है।
  • महिला, OBC, SC/ST उम्मीदवारों के लिए यह ₹250 है।
    अब इसे डबल किया जा सकता है।

📑 खर्च का हिसाब न देने पर अयोग्यता का खतरा

राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक,

  • प्रत्येक प्रत्याशी को चुनाव परिणाम के 30 दिन के भीतर अपना खर्च विवरण जिला निर्वाचन अधिकारी को देना अनिवार्य है।
  • खर्च का ब्योरा प्रतिदिन का लेखा रजिस्टर, नकद रजिस्टर, बैंक रजिस्टर और शपथपत्र के साथ जमा करना होता है।
  • समय पर ब्योरा न देने वाले उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

🪧 चुनावी खर्च में क्या-क्या शामिल होता है

चुनावी प्रचार सामग्री, रैलियों के वाहन, पोस्टर-बैनर, साउंड सिस्टम, चाय-पानी से लेकर कार्यकर्ताओं की व्यवस्था तक — हर खर्च इस सीमा में गिना जाएगा।
आचार संहिता लागू होने के बाद से लेकर मतगणना तक होने वाला कुल खर्च चुनावी व्यय में जोड़ा जाता है।


🗓️ फरवरी 2026 में हो सकते हैं पंचायत चुनाव

राजस्थान में इस बार ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की तर्ज पर पंचायत चुनाव कराने की तैयारी चल रही है।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने संकेत दिए हैं कि फरवरी 2026 में पंचायत चुनाव आयोजित किए जा सकते हैं।


🔍 पड़ोसी राज्यों और विधानसभा चुनावों का उदाहरण

  • उत्तर प्रदेश में हाल ही में पंचायत चुनावों में खर्च सीमा बढ़ाई गई है —
    • ग्राम प्रधान: ₹1.25 लाख
    • क्षेत्र पंचायत सदस्य: ₹1 लाख
    • जिला पंचायत सदस्य: ₹2.50 लाख
  • राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में भी खर्च सीमा ₹28 लाख से बढ़ाकर ₹40 लाख की गई थी।
  • साभार… 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Events: छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है आज का दिन: नेहा गर्ग

सरस्वती विद्या मंदिर गाड़ाघाट में हुआ माँ सरस्वती का हवन-पूजन Events: बैतूल।...

Mysterious: महाभारत का रहस्यमय ‘18’: क्या यह सिर्फ संयोग है या गहरा आध्यात्मिक संकेत?

Mysterious: धर्म डेस्क। महाभारत केवल दुनिया का सबसे विशाल महाकाव्य नहीं, बल्कि...

Social media: सरकार बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने पर विचार कर रही

ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर कानून की तैयारी Social media: डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया...