Report: भोपाल। मध्यप्रदेश में डिजिटल पुलिसिंग को लेकर जारी नवीनतम सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) रिपोर्ट ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। जहां राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर जैसी तकनीकी रूप से संसाधन-संपन्न नगरीय पुलिस पीछे छूट रही है, वहीं संसाधनों की कमी से जूझने वाली ग्रामीण पुलिस डिजिटल पुलिसिंग में शानदार प्रदर्शन कर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार रतलाम, राजगढ़, सतना और मंदसौर जैसे जिले एफआईआर की समय पर ऑनलाइन अपलोडिंग, केस डायरी एंट्री, ई-समन जनरेशन, डिजिटल नक्शों की अपलोडिंग जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। इसके उलट, भोपाल नौवें स्थान पर और इंदौर टॉप-20 से भी बाहर है, जबकि यहां कमिश्नरी सिस्टम लागू है और पर्याप्त अधिकारी एवं उन्नत तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कैसे तैयार होती है सीसीटीएनएस रैंकिंग?
रिपोर्ट 14 मापदंडों के आधार पर तैयार होती है, जिनमें शामिल हैं—
- एफआईआर की समय पर ऑनलाइन अपलोडिंग
- केस डायरी एंट्री
- ई-समन जनरेशन
- गिरफ्तारी, गुमशुदा, अज्ञात मर्ग से जुड़े दस्तावेज
- घटनास्थल का डिजिटल नक्शा
- चार्जशीट अपलोड
- दस्तावेजों की गुणवत्ता
कुल 160 अंकों (80+80) के आधार पर जिले का मूल्यांकन किया जाता है।
भोपाल में सुधार की कोशिशें
लगातार गिरते प्रदर्शन के बाद भोपाल पुलिस ने साप्ताहिक रैंकिंग प्रणाली शुरू की है।
- थानों में कार्रवाई की मॉनिटरिंग बढ़ाई गई
- लापरवाह थानों में प्रशिक्षण शुरू
- तकनीकी सहायता बढ़ाई गई
नतीजतन, अक्टूबर रैंकिंग में भोपाल फिर से टॉप-10 में शामिल हो गया है।
सीसीटीएनएस रैंकिंग: प्रदेश के टॉप 10 जिले
- रतलाम — 149.40
- राजगढ़ — 144.40
- ग्वालियर — 143.50
- सतना — 141.20
- मंदसौर — 140.50
- शिवपुरी — 134.30
- देवास — 133.40
- सीहोर — 128.00
- भोपाल (शहरी) — 125.38
- छिंदवाड़ा — 121.80
भोपाल के टॉप-5 प्रदर्शन करने वाले थाने
- जहांगीराबाद
- गौतमनगर
- हनुमानगंज
- चूनाभट्टी
- मंगलवारा
रतलाम लगातार अव्वल
सीसीटीएनएस रैंकिंग शुरू होने के बाद से रतलाम जिला हमेशा शीर्ष पर रहा है। एसपी अमित कुमार के अनुसार,
“डिजिटलीकरण पुलिस के लिए बेहद सुविधाजनक है। पेपरलेस पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं और हर कमी पर तुरंत फॉलोअप किया जाता है।”
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