Statement: भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तारीफ किए जाने के बयान पर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। उनके बयान के बाद जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें बीजेपी में आने का न्योता दिया, वहीं अब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उनकी सराहना कर उन्हें साहसी करार दिया है। इसके उलट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह पर तीखा तंज कसा है।
विजयवर्गीय बोले– सच कहने का साहस दिखाया
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सच कहने का साहस हर किसी में नहीं होता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने RSS की तारीफ कर अपने साहसी होने का परिचय दिया है।
विजयवर्गीय ने आगे लिखा कि इससे भले ही “दिल्ली दरबार में उनके नंबर कम हुए हों”, लेकिन दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के भीतर 1950 के दशक के नेताओं, खासकर सरदार वल्लभभाई पटेल, की उस परंपरा को आगे बढ़ाया है, जो सच कहने की हिम्मत रखते थे।
नरोत्तम मिश्रा का पलटवार
वहीं पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि
“ओसामा बिन लादेन की आत्मा आज दोजख में रो रही होगी और जाकिर नाइक खुद को अनाथ महसूस कर रहे होंगे। आप और संघ की तारीफ—तौबा रे तौबा।”
नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि RSS को भगवा आतंकवाद से जोड़ने और बाटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले दिग्विजय सिंह का यह बदला हुआ रुख चौंकाने वाला है।
राज्यसभा चुनाव से जोड़ा बयान
नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह के बयान को राज्यसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि कहीं यह 2020 की तरह कोई दबाव की राजनीति तो नहीं है।
उन्होंने कहा कि दो महीने बाद राज्यसभा चुनाव होने हैं और संभव है कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बनाने के लिए यह रणनीति अपना रहे हों।
RSS से सीख लेने की बात कही थी
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत कई नेता कुर्सियों पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी जमीन पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।
इस तस्वीर के साथ दिग्विजय सिंह ने लिखा था कि किस तरह RSS का एक जमीनी स्वयंसेवक, जनसंघ के वरिष्ठ नेताओं के चरणों में बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बना। उन्होंने इस अनुशासन और संगठन क्षमता से सीख लेने की बात कही थी।
साभार…
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