Friday , 23 January 2026
Home Uncategorized Big statement: RSS भगवान शिव की तरह राष्ट्र की रक्षा में विष पी रहा है: पंडित प्रदीप मिश्रा
Uncategorized

Big statement: RSS भगवान शिव की तरह राष्ट्र की रक्षा में विष पी रहा है: पंडित प्रदीप मिश्रा

RSS भगवान शिव की तरह राष्ट्र की

भोपाल में संघ की सामाजिक सद्भाव बैठक, मोहन भागवत और संघ पदाधिकारी रहे मौजूद

Big statement: भोपाल। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तुलना भगवान शिव से करते हुए कहा है कि जैसे महादेव विष पीकर सृष्टि और धर्म की रक्षा करते हैं, वैसे ही RSS भी विष पीकर राष्ट्र की रक्षा के कार्य में लगा हुआ है। यह बयान उन्होंने शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में RSS द्वारा आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान दिया। इस कार्यक्रम में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय भी मंच पर उपस्थित रहे।


संघ शिव की तरह मौन रहकर करता है राष्ट्र सेवा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्ग अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटे हैं।
उन्होंने कहा,

“हमें आत्मचिंतन करना चाहिए कि हमने राष्ट्र के लिए क्या किया। जन्म किसी भी जाति में हो, लेकिन पहचान अंततः हिंदू, सनातनी और भारतीय की ही होती है।”


धर्मांतरण आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा

पंडित प्रदीप मिश्रा ने धर्मांतरण को गंभीर षड्यंत्र बताते हुए कहा कि यह केवल वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करने वाला विषय है।
उन्होंने कहा कि समाज को इससे सजग रहना होगा और अपने मूल संस्कारों की रक्षा करनी होगी।


‘ग्रीन महाशिवरात्रि’ सामाजिक समरसता का उदाहरण

पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने ‘ग्रीन महाशिवरात्रि’ अभियान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि घर-घर मिट्टी के शिवलिंग की पूजा सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण बन रही है और यह पहल सराहनीय है।


विविधता में एकता ही भारत की पहचान: मोहन भागवत

RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि विविधता के बावजूद एकता ही भारत की असली पहचान है।
उन्होंने कहा,

“बाहरी रूप से हम अलग दिख सकते हैं, लेकिन राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के स्तर पर हम सभी एक हैं। हिंदू कोई संज्ञा नहीं, बल्कि एक स्वभाव है, जो पूजा पद्धति, मत या जीवनशैली के आधार पर विवाद नहीं करता।”

उन्होंने आगे कहा कि हजारों वर्षों से अखंड भारत में रहने वाले सभी लोगों का डीएनए एक है।


सामाजिक समरसता का संदेश

इस सामाजिक सद्भाव बैठक के माध्यम से समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

साभार… 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Events: छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है आज का दिन: नेहा गर्ग

सरस्वती विद्या मंदिर गाड़ाघाट में हुआ माँ सरस्वती का हवन-पूजन Events: बैतूल।...

Mysterious: महाभारत का रहस्यमय ‘18’: क्या यह सिर्फ संयोग है या गहरा आध्यात्मिक संकेत?

Mysterious: धर्म डेस्क। महाभारत केवल दुनिया का सबसे विशाल महाकाव्य नहीं, बल्कि...

Social media: सरकार बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने पर विचार कर रही

ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर कानून की तैयारी Social media: डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया...