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Betul News: नए डॉक्टर आ नहीं रहे पुराने छोड़ रहे नौकरी

नए डॉक्टर आ नहीं

जिला अस्पताल में 400 मरीजों पर है 27 डॉक्टर

Betul News: बैतूल। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी-बड़ी योजनाएं बना रही है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अस्पताल भवन कितना ही बड़ा क्यों ना हो वहां डॉक्टरों की हमेशा कमी रहती है। बैतूल जिला अस्पताल में भी यही हालत है। 61 डॉक्टरों के स्वीकृत पद होने के बाद भी मात्र 27 डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं। जिला अस्पताल में जिले भर से लगभग प्रतिदिन 1 हजार 1200 मरीजों की ओपीडी रहती है। वहीं लगभग 400 मरीज प्रतिदिन भर्ती रहती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। हाल ही में दो डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी हैं।


61 पद स्वीकृत


जिला अस्पताल बैतूल में प्रथम श्रेणी डॉक्टरों के 31 पद और ट्रामा सेंटर में 7 पद स्वीकृत हैं। इनमें से मात्र 12 ही प्रथम श्रेणी के डॉक्टर जिला अस्पताल में हैं। द्वितीय श्रेणी के डॉक्टरों के 21 पद स्वीकृत हैं जिसमें 15 जिला अस्पताल और 6 ट्रामा सेंटर में है। इसमें मात्र 14 ही डॉक्टर द्वितीय श्रेणी के बचे हुए हैं। 2 दंत विशेषज्ञों के पद स्वीकृत हैं जिसमें एक डॉक्टर ही मौजूद है। जिला अस्पताल के द्वारा कई बार डॉक्टरों की पदस्थापना कराने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार भी किया गया लेकिन कोई लाभ नहीं मिल सका है।


15 साल सेवाएं दी डॉ. आनंद मालवीय ने


डॉ. मालवीय ने जून 2011 में बैतूल जिला अस्पताल में कार्यभार संभाला था। इससे पूर्व उन्होंने भोपाल के प्यूपिल्स हॉस्पिटल में दो वर्ष तक मेडिसिन विभाग में सेवा दी। उन्होंने 1998 बैच में इंदौर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की प?ाई पूरी की थी, जिसके बाद उज्जैन मेडिकल कॉलेज में एक वर्ष और हैदराबाद के फैजान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में तीन वर्ष तक डीएनबी मेडिसिन की ट्रेनिंग ली।


मॉडल अधिकारी के रूप में योगदान दिया


डॉ. मालवीय अपने सौम्य स्वभाव और कार्य के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनके कार्यकाल में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम में जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उन्हें वर्ष 2019 के लिए 2020 में ‘ब्रॉन्ज अवॉर्ड’ और 2023 में ‘सिल्वर नेशनल अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था। उन्होंने एचआईवी कार्यक्रम में भी एक मॉडल अधिकारी के रूप में योगदान दिया। डॉ. मालवीय ने बताया कि अब वे निजी क्षेत्र में काम करने की योजना बना रहे हैं और अपने स्वयं के अस्पताल की शुरुआत की तैयारी कर रहे हैं।


6 साल सेवाएं दी डॉ. श्रीवास्तव ने


जिला अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आयुष श्रीवास्तव पिछले 6 साल से जिला अस्पताल में सेवाएं दी रहे थे, उन्होंने बताया कि निजी कारणों से 27 नवम्बर 2025 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और एक महीने नोटिस पीरिएड के दौरान 27 दिसम्बर तक जिला अस्पताल में सेवाएं दी। डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि उनके पिताजी स्वॅ. अरूण श्रीवास्तव जी ने निजी हास्पीटल बनाया था और उसको उसको संचालित करने के लिए उसी में सेवाएं देंगे। डॉ. श्रीवास्तव जिला अस्पताल में नवजात गहन चिकित्सा इकाई के इंचार्ज थे।

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