A tall order: धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में शुक्रवार 23 जनवरी को पड़ रही वसंत पंचमी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए प्रशासन को पूजा और नमाज दोनों के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया कि भोजशाला में किसी एक पक्ष को पूरे दिन के लिए विशेष अधिकार नहीं दिया जा सकता।
हिंदू पक्ष ने वसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमति मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। अदालत ने आदेश दिया कि संतुलन बनाए रखते हुए दोनों समुदायों को निर्धारित समय में धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी जाए।
पूजा और नमाज का समय तय
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार —
- सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक — हिंदू समाज को पूजा की अनुमति
- 12 बजे से 3 बजे तक — नमाज
- शाम 4 बजे से सूर्यास्त तक — पुनः पूजा
मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने प्रशासन से कहा है कि वह यह भी सुनिश्चित करे कि कितनी संख्या में लोग पूजा और कितने लोग नमाज के लिए आएंगे, इसकी पूर्व जानकारी लेकर उसी अनुसार सुरक्षा और व्यवस्था की जाए।
पुराने आदेशों का हवाला
कोर्ट में यह भी बताया गया कि जब भी वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) अपने 7 अप्रैल 2003 के आदेश के तहत विशेष दिशा-निर्देश जारी करता है। इससे पहले 2006, 2013 और 2016 में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी।
भोजशाला में कड़े सुरक्षा इंतजाम
वसंत पंचमी को देखते हुए भोजशाला और धार शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है।
- भोजशाला की छत पर लोहे के बैरिकेड्स और टेंट लगाए गए हैं
- पीछे की ओर पतरी से दीवार खड़ी की जा रही है
- एक दीवार तोड़कर नया रास्ता बनाया गया है
- भोजशाला परिसर में 300 से अधिक CCTV कैमरे
- पूरे शहर में 700 कैमरे लगाए गए हैं
- क्षेत्र में 8,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे
प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है ताकि वसंत पंचमी पर किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और दोनों समुदाय अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्ण तरीके से कर सकें।
साभार….
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