Exclusive interview: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक विशेष साक्षात्कार में भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक व्यापार नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर विस्तार से अपनी सरकार का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने संप्रग (UPA) काल के “आर्थिक कुप्रबंधन” पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की राजनीतिक स्थिरता और स्पष्ट नीतियों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत किया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और MSME की मजबूती के कारण वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख पा रहा है।
🌍 व्यापार समझौते और वैश्विक भूमिका
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने 38 विकसित देशों को कवर करते हुए 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) अंतिम रूप दिए हैं। इसके साथ ही भारत और गल्फ कोआपरेशन काउंसिल (GCC) के बीच भी मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है, जिससे भारत को एक ग्लोबल ट्रेड हब के रूप में और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने भारतीय निजी क्षेत्र से अपील की कि वे साहस के साथ नवाचार (Innovation) और दीर्घकालिक क्षमताओं में निवेश करें, ताकि भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बना रहे।
🚄 अगले 30 वर्षों की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अल्पकालिक लोकलुभावन नीतियों के बजाय सतत विकास पर केंद्रित है। अगले तीन दशकों के लिए उनकी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं हैं—
- ढांचागत सुधार – बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करना
- नवाचार (Innovation) – रिसर्च और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना
- सुगम शासन – प्रशासन को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना
पीएम मोदी ने कहा कि बजट में किया गया रिकॉर्ड पूंजीगत आवंटन नौकरियों के सृजन और दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब डेटा सेंटर और AI का ग्लोबल हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
🛡️ रक्षा सुधार और ‘ऑपरेशन सिंदूर’
सैन्य आधुनिकीकरण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी और पिछले एक दशक के सुधारों के सकारात्मक नतीजों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत की सैन्य क्षमताओं के प्रभावी परिणाम सामने आए। पीएम मोदी ने जोर दिया कि सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को हर समय तैयार रहना होगा।
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