भारतीय जनता पार्टी को संभावित बढ़त, विपक्षी खेमे को झटका
Election: नई दिल्ली। इस वर्ष विभिन्न राज्यों की 72 राज्यसभा सीटों पर चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें से 16 मार्च 2026 को दस राज्यों की 37 सीटों के लिए मतदान होना है। राज्यसभा सदस्य का चुनाव संबंधित राज्यों के विधायक करते हैं। मौजूदा विधानसभा गणित को देखते हुए भाजपा और उसके सहयोगी दल बढ़त की स्थिति में नजर आ रहे हैं, जबकि विपक्ष को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इन चुनावों में जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार, हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, रामदास अठावले, एम. थंबीदुरई, प्रियंका चतुर्वेदी, प्रेमचंद गुप्ता और अभिषेक मनु सिंघवी शामिल हैं।
बिहार में सबसे अधिक फायदा संभव
बिहार में पांच सीटें रिक्त हो रही हैं। इनमें जदयू की दो, राजद की दो और आरएलएम की एक सीट शामिल है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर जदयू और भाजपा दो-दो सीट जीत सकते हैं, जबकि उनका सहयोगी एक सीट हासिल कर सकता है।
एक सीट के लिए 42 वोट आवश्यक हैं। राजग के पास 202 विधायक हैं, जिससे चार सीटें लगभग सुनिश्चित मानी जा रही हैं। विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या नहीं है, ऐसे में जोड़-तोड़ की स्थिति में राजग पांचवीं सीट भी जीत सकता है।
अन्य राज्यों का समीकरण
असम
तीन सीटें खाली हो रही हैं। संभावना है कि दो सीट भाजपा और एक कांग्रेस को मिले।
छत्तीसगढ़
दोनों सीटें कांग्रेस की रिक्त हो रही हैं। चुनाव के बाद एक-एक सीट भाजपा और कांग्रेस के खाते में जा सकती है।
हरियाणा
दो सीटें भाजपा की खाली हो रही हैं, लेकिन चुनाव के बाद एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश
भाजपा की एक सीट रिक्त हो रही है, जो कांग्रेस को मिलने की संभावना है।
महाराष्ट्र में कड़ा मुकाबला
महाराष्ट्र
सात सीटें रिक्त हो रही हैं—भाजपा (2), शिवसेना (उद्धव) (1), राकांपा (शरद पवार) (2), कांग्रेस (1) और आरपीआई (1)।
संभावना जताई जा रही है कि भाजपा तीन सीटें, राकांपा (अजित पवार) एक, शिवसेना (शिंदे) एक और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है। एक सीट सहयोगी दल को दी जा सकती है। इस परिदृश्य में शरद पवार के लिए समीकरण चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।
ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल
ओडिशा
चार सीटें रिक्त हैं—दो भाजपा और दो बीजद की। दोनों दल दो-दो सीट बरकरार रख सकते हैं।
तमिलनाडु
छह सीटें खाली हो रही हैं। चार द्रमुक, एक अन्नाद्रमुक और एक अन्य दल की है। द्रमुक चार सीटें दोबारा जीत सकती है, अन्नाद्रमुक एक सीट और एक सीट पर स्थिति स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगी।
तेलंगाना
दो सीटें रिक्त—एक कांग्रेस और एक बीआरएस की। इस बार दोनों सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती हैं।
पश्चिम बंगाल
पांच सीटें खाली—चार तृणमूल कांग्रेस और एक माकपा की। विधानसभा गणित के अनुसार तृणमूल चार सीटें बरकरार रख सकती है, जबकि एक सीट भाजपा को मिलने की संभावना है।
कुल मिलाकर 37 सीटों के इस चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को तीन से पांच सीटों तक अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। इससे राज्यसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो सकती है। विपक्ष के लिए यह चुनाव राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती लेकर आया है।
साभार….
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