सीसीटीवी निगरानी और मोबाइल मुक्त केंद्र में होगी जांच, बढ़ाया गया मानदेय
Evaluation: माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सागर में 22 फरवरी से प्रारंभ किया जाएगा। मूल्यांकन कार्य उत्कृष्ट विद्यालय समन्वय संस्था में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और कलेक्टर द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी की देखरेख में संपन्न होगा।
सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। व्यवस्थाओं के लिए जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन और समन्वय संस्था के प्राचार्य सुधीर तिवारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
पहले चरण में 36 हजार कॉपियों की जांच
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन के अनुसार मंडल के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए मूल्यांकन कार्य शुरू किया जाएगा। समन्वय संस्था के प्राचार्य सुधीर तिवारी ने बताया कि पहले चरण में करीब 36 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा, जिनमें कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों शामिल हैं।
मोबाइल मुक्त रहेगा मूल्यांकन केंद्र
मूल्यांकन की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र को मोबाइल मुक्त घोषित किया गया है। शिक्षकों को अपने मोबाइल निर्धारित स्थान पर जमा करने होंगे और मूल्यांकन कार्य पूरा होने के बाद ही वापस दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की जानकारी के आदान-प्रदान या व्यवधान को रोकना है।
प्रतिदिन 45 से 60 कॉपियां जांचना अनिवार्य
परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने के उद्देश्य से मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
- पहले प्रतिदिन न्यूनतम 30 कॉपियां जांचने का प्रावधान था।
- अब प्रत्येक शिक्षक को प्रतिदिन न्यूनतम 45 और अधिकतम 60 कॉपियां जांचनी होंगी।
बढ़ाया गया मानदेय
- कक्षा 10वीं की प्रति कॉपी जांचने का मानदेय 12 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए किया गया है।
- कक्षा 12वीं की प्रति कॉपी 13 रुपए से बढ़ाकर 16 रुपए कर दी गई है।
इसके अलावा बाहर से आने वाले शिक्षकों को 180 रुपए और स्थानीय शिक्षकों को 120 रुपए दैनिक भत्ता दिया जाएगा।
डिजिटल एप से होगी उपस्थिति और मॉनिटरिंग
नई व्यवस्था के तहत मूल्यांकनकर्ताओं को मंडल के विशेष एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करनी होगी। ड्यूटी समाप्त होने पर उन्हें उसी एप में यह जानकारी भी अपडेट करनी होगी कि उन्होंने कितनी कॉपियां जांचीं। मूल्यांकन केंद्र के सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी संस्था के कंट्रोल रूम के साथ भोपाल स्थित मंडल कार्यालय से भी की जाएगी। इस डिजिटल और निगरानी आधारित व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता, गोपनीयता और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थी समय पर अपने आगामी सत्र की तैयारी शुरू कर सकें।
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