वर्षों से स्टापेज और ट्रेनों की मांग को लेकर निराश चुके हैं जिलेवासी
Reactions: बैतूल। जिले के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रेल सुविधाएं बढ़ाने एवं ट्रेनों के स्टापेज को लेकर गत दिवस जिले के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मिले थे। रेल मंत्री से मिलने की फोटो स्वयं सांसद डीडी उइके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। जिसको लेकर जिले के जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों ने फेसबुक पर अपनी भड़ास निकाली और लगभग सभी का यह मत था कि इस संबंध में कुछ नहीं होने वाला है।
सांसद ने रेल मंत्री को दिया ज्ञापन
मिली जानकारी के अनुसार ज्ञापन में निम्रलिखित प्रमुख मांगें रही हैं। बैतूल से सदर और माचना नदी के पास ट्रेफिक जाम खत्म करने के लिए दो अंडर ब्रिज, अमरावती सुपर फास्ट, नरखेड़ इंटरसिटी को बैतूल तक बढ़ाने, हरिद्वार के लिए सीधी रेल सेवा, दादाधाम एक्सप्रेस को पुन: शुरू करने, आमला रेलवे स्टेडियम और पार्क के नवीनीकरण के साथ-साथ रेलवे भूमि पर कोच फैक्ट्री या सोलर प्लांट की स्थापना प्रमुख डिमांड रही है।
फेसबुक पर इस तरह के लिखे कमेंट
भौंरा के डीडी पाटनकर लिखते हैं- घंटा! कुछ नहीं होने वाला। ढोढरामोहार (भौंरा), बरबतपुर क्षेत्र की जनता विगत 20-30 सालों से आंदोलन कर रही है और हमारे जनप्रतिनिधि कुंभकर्ण से प्रतिस्पर्धा कर सो रहे हैं। बल्कि जो पुरानी व्यवस्थाएं थीं उन्हें बंद कर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। नागपुर-आगरा लंबी दूरी की पैसेंजर बंद, पेंचवली फास्ट पैसेंजर बंद, दादाधाम एक्सप्रेस बंद। एक पंच से लेकर प्रधानमंत्री तक सबकुछ तो है फिर भी क्षेत्र की जनता हर मामले में त्राहि-त्राहि है।
मुलताई के धीरज पंवार लिखते हैं- इसके पहले भी चार बार मिल चुके हैं, हर बार ज्ञापन दिया जाता है। इस बार राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत और जबलपुर-अमरावती, दादाधाम एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस एवं जीटी एक्सप्रेस एवं बहुत सी ट्रेनों का स्टापेज पक्का है। इस बार हो ही जाएगा।
मुलताई के बाल गोविंद बारंगे लिखते हैं कि खेद है नागपुर-इंदौर डेली ट्रेन की कोई बातचीत नहीं हुई। अन्य ट्रेनों का विशेष फायदा मुलताई को नहीं है।
श्याम कुमार गुप्ता लिखते हैं कि कोई मतलब नहीं ना मिलने से ना ससंद में आवाज उठाने से। आज तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। यह जनप्रतिनिधि की योग्यता पर सवाल उठता है।
छिंदवाड़ा के दिलीप आर जाधव लिखते हैं कि लालीपाप ये समाचार। अगले रेल बजट तक दिखाया जाएगा। फिर एक नया समाचार 2027 बजट भाग दो में तैयार रहें देखने के लिए। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, नैनपुर, मंडला, बालाघाट यहां के जितने भी चाहे कांग्रेस के हो या भाजपा के सांसद बकायदा रेल बजट से पहले व रेल बजट के बाद रेल मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए बजट फोटो सेशन करते हुए समाचार के माध्यम से लालीपाप देने का कार्य करते हुए नजर आते हैं।
मुलताई के जगदीश माते लिखते हैं कि मुलताई से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जाने के लिए एक ट्रेन का स्टापेज चाहिए।
बैतूल की सविता पंवार लिखती है कि पुणे से बैतूल आने-जाने वाले यात्रियों के लिए कुछ कीजिए। हमेशा नागपुर या इटारसी से ट्रेन बदलने की झंझट रहती है। और अपने बैतूल के हर तीसरे-चौथे घर के बच्चे पुणे में नौकरी करते हैं।
मुलताई के रवि नामदेव लिखते हैं कि दादाधाम ट्रेन शुरू कर दो, कितने सालों से बंद पड़ी है।
मुलताई के पुरूषोत्तम महोबे लिख रहे हैं कि श्रीमानजी ने निवेदन है कि आप मुलताई को जिला बनाने के आदेश करवाने की कृपा कीजिए।
मुलताई के चंद्रकांत कनाठे लिखते हैं कि ज्यादा मांग रखोगे तो एक भी पूरी नहीं होगी। सिर्फ दो-तीन मांग रखो।
बैतूल चेतन यावले लिखते हैं कि मुलताई को कोई ट्रेन का फायदा नहीं है।
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