नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में पहली बैठक, हर निर्णय 1.4 अरब नागरिकों को समर्पित
Service Resolution: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में अपनी पहली बैठक आयोजित कर महत्वपूर्ण संकल्प लिया। बैठक में यह निर्णय किया गया कि नए भवन में लिया गया प्रत्येक फैसला 1.4 अरब भारतीय नागरिकों के प्रति सेवा की भावना से प्रेरित होगा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंत्रिमंडल ने दोहराया कि संवैधानिक मूल्य केवल औपचारिक सिद्धांत नहीं, बल्कि शासन की नैतिक प्रतिबद्धता हैं, जो हर नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जुड़ी हैं।
जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा हर निर्णय
‘सेवा संकल्प’ प्रस्ताव के अनुसार सेवा तीर्थ में कार्य संस्कृति ऐसी होगी, जहां प्रत्येक नीति संविधान के मूलभूत लोकाचार के अनुरूप तैयार की जाएगी। प्रस्ताव में कहा गया है कि यहां लिया गया हर निर्णय जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा। यह बैठक और नया परिसर ‘नए भारत’ के पुनर्निर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति माने जा रहे हैं।
साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक की यात्रा
प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि स्वतंत्रता के बाद कई दशकों तक सरकारों ने साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्य किया। उस दौरान विरासत को संरक्षित रखते हुए भविष्य की परिकल्पना की गई। अब ‘सेवा तीर्थ’ उसी सोच का आधुनिक विस्तार है—एक ऐसा भारत जिसकी विचारधारा स्वदेशी, स्वरूप आधुनिक और क्षमता असीमित हो।
ऐतिहासिक स्थल पर नए भारत का प्रतीक
‘सेवा संकल्प’ प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ब्रिटिश काल की अस्थायी बैरकों के स्थान पर ‘सेवा तीर्थ’ का निर्माण किया गया है। उसी स्थान पर राष्ट्रीय शासन की एक सक्रिय संस्था की स्थापना को नए भारत के रूपांतरण का प्रतीक बताया गया है। सरकार का कहना है कि यह पहल लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को और सशक्त करेगी तथा शासन को सेवा-प्रधान दृष्टिकोण से जोड़ने का काम करेगी।
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