मार्च में पारा बढ़ेगा, लेकिन हीट वेव का अलर्ट नहीं, होली पर हल्की बारिश के आसार
Heat wave: भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल अप्रैल और मई के महीनों में तेज गर्मी और लू चलने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक 15 से 20 दिन तक हीट वेव का असर रह सकता है। हालांकि मार्च में लू चलने की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है।
मार्च में तीनों मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार 1 मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। मार्च में कई शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री या उससे अधिक रहने की संभावना है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मार्च में गर्मी सामान्य रहेगी, लेकिन भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में गर्मी का असर अधिक रहेगा। वहीं नीमच, मंदसौर, विदिशा, सागर, सीधी और सिंगरौली में पारा ऊंचा रह सकता है।
पिछले 10 वर्षों के ट्रेंड के अनुसार मार्च में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। कई बार बारिश भी दर्ज की गई है। ग्वालियर में मौसम में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा जाता है, जबकि जबलपुर में दिन गर्म और रात अपेक्षाकृत ठंडी रहती है।
होली के दौरान बारिश के संकेत
4 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। 6 मार्च को एक और सिस्टम बनने की संभावना है। इसके असर से भोपाल, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी का अनुमान भी जताया है।
अप्रैल–मई में बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग ने अप्रैल और मई को इस साल का सबसे गर्म दौर बताया है। अनुमान है कि ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।
फरवरी में चार बार बदला मौसम
फरवरी महीने में प्रदेश में चार बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया। 19 से 21 फरवरी तक कई जिलों में बारिश हुई, जबकि 23-24 फरवरी को भी ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे फसलों को नुकसान हुआ और सरकार को सर्वे कराना पड़ा।
भोपाल में मार्च का ट्रेंड
भोपाल में मार्च के दौरान दिन में तेज गर्मी और बीच-बीच में बारिश का ट्रेंड रहा है। 30 मार्च 2021 को यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं 9 मार्च 1979 की रात न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच गया था।
मौसम विभाग का कहना है कि इस बार भी मार्च में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है, जबकि असली गर्मी का असर अप्रैल और मई में देखने को मिलेगा।
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