देश में गैस की कोई कमी नहीं’, पैनिक बुकिंग से बढ़ा दबाव
Statement: नई दिल्ली। देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर फैली अफवाहों और बढ़ती पैनिक बुकिंग के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है। Ministry of Petroleum and Natural Gas की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बताया कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हालांकि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और Strait of Hormuz में बने गतिरोध के कारण सप्लाई चेन पर कुछ दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी है।
पैनिक बुकिंग से बढ़ी सिलेंडर की मांग
सरकार के अनुसार युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात की खबरों के बाद लोगों में सिलेंडर खत्म होने का डर फैल गया है। इसी वजह से कई लोग जरूरत न होने पर भी सिलेंडर बुक करा रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक—
- पहले रोजाना करीब 55 लाख सिलेंडर बुकिंग होती थी।
- लगभग 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी की जाती थी।
- अब बुकिंग बढ़कर 75 लाख से 88 लाख तक पहुंच गई है।
अधिकारियों ने इसे पूरी तरह ‘पैनिक बुकिंग’ बताया है।
बुकिंग के लिए समय सीमा तय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिलेंडर की बुकिंग पर पहले से ही कुछ नियम लागू हैं, ताकि सप्लाई का सही प्रबंधन किया जा सके।
- शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर मिलने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर जरूरी है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतर 45 दिन निर्धारित किया गया है।
इस तय समय से पहले सिस्टम नई बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा, इसलिए उपभोक्ताओं को बार-बार प्रयास करने की जरूरत नहीं है।
जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर कार्रवाई
सरकार ने बताया कि कुछ लोग सप्लाई के दबाव का फायदा उठाकर सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए देशभर में सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने तेल कंपनियों के साथ मिलकर छापेमारी शुरू की है।
- Uttar Pradesh में 1400 से अधिक ठिकानों की जांच की गई।
- इसमें 20 एफआईआर दर्ज की गईं और 19 लोगों पर कार्रवाई हुई।
इसके अलावा Maharashtra, Rajasthan, Andhra Pradesh, Bihar, Odisha और Karnataka में भी संयुक्त टीमें लगातार डिस्ट्रीब्यूटरों और रिटेल आउटलेट्स की जांच कर रही हैं। एक ही दिन में तेल कंपनियों ने देशभर में करीब 1300 स्थानों पर चेकिंग की।
आयात पर निर्भरता बढ़ने से बढ़ा दबाव
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60% और कच्चे तेल का लगभग 88% आयात करता है। ऐसे में मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात का असर सप्लाई पर पड़ रहा है। सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी की है और पिछले कुछ दिनों में उत्पादन बढ़ाकर लगभग 31% तक पहुंचा दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
साभार…
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