अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली, ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत
Increase: भोपाल। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित दर वृद्धि याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है। आयोग जल्द ही इस पर अपना आदेश जारी करेगा, जिसके बाद राजधानी भोपाल सहित प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियां अप्रैल से बिजली दरों में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
स्मार्ट मीटर अनिवार्यता पर 2028 तक छूट
आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता की समयसीमा बढ़ा दी है। अब 31 मार्च 2028 तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य नहीं होगा। बिजली कंपनियों ने दलील दी थी कि स्मार्ट मीटर के लिए मजबूत डिजिटल सिस्टम जरूरी है, जिसमें—
- सर्वर
- नेटवर्क कनेक्टिविटी
- बिलिंग इंटीग्रेशन
जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में इनकी कमी के चलते स्मार्ट मीटर लागू करना फिलहाल संभव नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक मीटर जारी रहेंगे
अब आयोग की अनुमति के बाद कंपनियां 2028 तक ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में पारंपरिक मीटर के साथ नए कनेक्शन दे सकेंगी।
पहले नियम था कि हर नए कनेक्शन पर स्मार्ट या प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य होगा, जिससे कनेक्शन देने में दिक्कतें आ रही थीं।
स्मार्ट मीटर से बढ़े बिल, उपभोक्ताओं की शिकायत
स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य बिजली चोरी रोकना और पारेषण क्षति कम करना है, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि—
- स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल की राशि बढ़ गई है
- कई मामलों में मासिक बिल दोगुना तक हो गया
हालांकि बिजली कंपनियों को इससे राजस्व में फायदा हुआ है।
अटल गृह ज्योति योजना से मिल रही राहत
प्रदेश में अटल गृह ज्योति योजना के तहत उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर सब्सिडी दी जा रही है, जिससे आम लोगों को कुछ राहत मिल रही है।
क्या होगा आगे?
अब सबकी नजर आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी है। यदि दर वृद्धि को मंजूरी मिलती है, तो अप्रैल से आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का एक और बोझ बढ़ सकता है। वहीं स्मार्ट मीटर पर मिली राहत से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को फिलहाल बड़ी राहत जरूर मिली है।
साभार…
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