12 लाख से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनर्स होंगे लाभान्वित, इलाज होगा आसान और डिजिटल
Major Preparations: भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मध्य प्रदेश सरकार राज्य के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना का उद्देश्य मौजूदा प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) प्रणाली को खत्म कर इलाज को अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाना है।
अन्य राज्यों के मॉडल पर आधारित होगी योजना
सरकार इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए तमिलनाडु, राजस्थान और केरल जैसे राज्यों के सफल स्वास्थ्य मॉडलों का अध्ययन कर रही है। इन राज्यों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी और तकनीकी एकीकरण के जरिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
समिति करेगी अंतिम रूप तय
योजना को अंतिम रूप देने के लिए तीन अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य, वित्त और सामान्य प्रशासन) की समिति बनाई गई है। यह समिति पात्रता, वित्तीय मॉडल और क्रियान्वयन ढांचे पर काम कर रही है। प्रस्ताव पहले मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली समिति के पास जाएगा, फिर कैबिनेट में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
अंशदायी होगी योजना, तय होगा प्रीमियम
प्रारंभिक खाके के अनुसार यह योजना अंशदायी होगी। कर्मचारियों से उनकी श्रेणी के अनुसार 250 से 1000 रुपये प्रति माह तक का योगदान प्रस्तावित है।
परिवार को भी मिलेगा कवरेज
इस योजना में कर्मचारी के साथ—
- पति/पत्नी
- माता-पिता
- दो आश्रित बच्चे
- दत्तक बच्चे
- तलाकशुदा पुत्री
- पेंशनर दंपत्ति
को भी शामिल किया जाएगा।
डिजिटल कार्ड और यूनिक आईडी
योजना के तहत सभी हितग्राहियों का पंजीयन ऑनलाइन किया जाएगा और उन्हें यूनिक आईडी के साथ डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी होंगे। हर साल आश्रितों की जानकारी का सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
ओपीडी और दवा के लिए अलग सुविधा
कर्मचारियों और पेंशनर्स को ओपीडी, दवाइयों और उपकरणों के लिए सालाना 20 हजार रुपये तक की सुविधा दी जाएगी।
आपात स्थिति में असंबद्ध अस्पतालों में भी इलाज की अनुमति होगी।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी करेगी संचालन
योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य, बीमा और कानूनी विशेषज्ञ शामिल होंगे। क्लेम प्रोसेसिंग, अस्पतालों की सूची और हेल्थ पैकेज की निगरानी के लिए अलग तकनीकी टीम भी होगी।
पहले से चल रही योजनाओं का अनुभव
प्रदेश में पहले से कुछ विभागों में स्वास्थ्य बीमा लागू है:
- पुलिसकर्मियों के लिए 1 रुपये में बीमा, 8 लाख तक इलाज
- ऊर्जा विभाग के 90 हजार कर्मचारियों के लिए 5 से 25 लाख तक कैशलेस इलाज
इन अनुभवों के आधार पर अब सभी नियमित कर्मचारियों के लिए एक समान और व्यापक योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है।
साभार…
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