इंडक्शन पर खाना बनाना LPG से किफायती, सालाना 3 हजार से ज्यादा की बचत संभव
Option: ग्वालियर : एलपीजी संकट और सिलेंडरों की ‘पैनिक बुकिंग’ के बीच अब इलेक्ट्रिक कुकिंग तेजी से लोकप्रिय विकल्प बनकर उभर रही है। सिलेंडर के लिए लंबी कतारें और बढ़ती कीमतों के बीच लोग इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं।
ताजा रिपोर्ट में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) ने भी माना है कि इलेक्ट्रिक कुकिंग न सिर्फ सुविधाजनक बल्कि किफायती भी है।
सालभर के खर्च का तुलना
रिपोर्ट के अनुसार एक औसत भारतीय परिवार का सालाना कुकिंग खर्च इस प्रकार है:
- LPG (सिलेंडर)
- 1 सिलेंडर/माह = 12 सिलेंडर/साल
- प्रति सिलेंडर ~ ₹1000
- कुल खर्च: ₹12,000
- PNG (पाइपलाइन गैस)
- कुल खर्च: लगभग ₹12,000/साल
- इलेक्ट्रिक कुकिंग (इंडक्शन)
- 1500 वॉट इंडक्शन पर खाना बनाने पर
- रोज लगभग 3 यूनिट बिजली खर्च
- सालाना खर्च: ₹8,160
👉 यानी इलेक्ट्रिक कुकिंग अपनाने पर ₹3,000 से ज्यादा की बचत संभव है।
बढ़ा इंडक्शन का क्रेज
गैस संकट के बीच बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ी है।
- लोग अब इसे केवल बैकअप नहीं, बल्कि मुख्य कुकिंग माध्यम बना रहे हैं
- इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और एयर-फ्रायर की बिक्री भी बढ़ी
क्यों बेहतर है इलेक्ट्रिक कुकिंग?
1. स्थिर खर्च
एलपीजी और पीएनजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर होकर बदलती रहती हैं, जबकि बिजली की दरें अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं।
2. समय की बचत
इंडक्शन पर खाना गैस की तुलना में लगभग 25% तेजी से बनता है, क्योंकि गर्मी सीधे बर्तन तक पहुंचती है।
3. ज्यादा सुरक्षा
- गैस लीकेज का खतरा नहीं
- आग लगने की संभावना बेहद कम
- आधुनिक किचन के लिए सुरक्षित विकल्प
- साभार…
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