Thursday , 22 January 2026
Home Uncategorized Arrangement: 600 किलो सोना दान करने वाली दरभंगा महारानी की तेरहवीं पर भव्य महाभोज
Uncategorized

Arrangement: 600 किलो सोना दान करने वाली दरभंगा महारानी की तेरहवीं पर भव्य महाभोज

600 किलो सोना दान करने वाली

1 लाख लोगों के भोजन का इंतजाम

Arrangement: दरभंगा। दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी की तेरहवीं के अवसर पर गुरुवार को दरभंगा में ऐतिहासिक और भव्य महाभोज का आयोजन किया गया। इस आयोजन में करीब 1 लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है। बाल्टियों में दही, टब में गुलाब जामुन और करीब 5 लाख रसगुल्ले व अन्य मिठाइयां तैयार की गई हैं।

इस भव्य आयोजन में देश के कई राजघरानों के प्रतिनिधि, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और अनेक साधु-संत शामिल हुए। आयोजन स्थल पर मिथिला की परंपरा और शाही ठाट-बाट की झलक साफ दिखाई दी।

56 भोग से लेकर 3,000 व्यंजन तक

आयोजकों के मुताबिक महाभोज में

  • 56 भोग,
  • पारंपरिक मिथिला व्यंजन,
  • 10 से 12 प्रकार की मिठाइयां,
  • और शाही खानपान की खास तैयारियां की गई हैं।

कुल मिलाकर करीब 3,000 तरह के व्यंजन बनाए जा रहे हैं। इसके लिए लगभग 300 कारीगरों और रसोइयों की टीम दिन-रात जुटी हुई है। इससे एक दिन पहले, बुधवार को श्राद्ध के मौके पर भी 50 हजार लोगों को भोज कराया गया था।

12 जनवरी को हुआ था महारानी का निधन

दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का 12 जनवरी को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और उन्होंने कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली।

युवराज कपिलेश्वर सिंह ने बताया,
“महारानी का जाना हमारे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। कड़ी सुरक्षा के बीच उनका अंतिम संस्कार दरभंगा राज परिसर में पारंपरिक विधि-विधान से किया गया।”

राज परिवार की परंपरा

महारानी का अंतिम संस्कार कामेश्वर नगर स्थित मधेश्वरनाथ परिसर में किया गया, जहां दरभंगा राज परिवार के सभी महाराजाओं और महारानियों का अंतिम संस्कार होता रहा है। इस पूरे परिसर में जिन-जिन राजाओं की चिताएं बनीं, वहां मंदिरों का निर्माण किया गया है। वर्तमान में इस परिसर में कुल 9 मंदिर मौजूद हैं।

दरभंगा महारानी कामसुंदरी देवी, जिन्हें उनके जीवनकाल में 600 किलो सोना दान करने वाली उदार महारानी के रूप में भी जाना जाता था, की स्मृति में आयोजित यह महाभोज उनकी दानशीलता और राजसी विरासत का प्रतीक बन गया है।

साभार….

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Retirement: स्पेस रेस में सुरक्षित और सहयोगी मॉडल जरूरी: सुनीता विलियम्स

Retirement: नई दिल्ली। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने...

Notice issued: प्रयागराज माघ मेला: अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच टकराव तेज, दूसरा नोटिस जारी

Notice issued: प्रयागराज। माघ मेला प्रशासन और संत अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद...

History: ₹25 लाख का चांदी का शादी कार्ड: शाही शादी ने रच दिया नया इतिहास

History: डिजिटल डेस्क। राजस्थान अपनी शाही शादियों और रजवाड़ी ठाठ-बाट के लिए...

A tall order: भोजशाला वसंत पंचमी: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, पूजा और नमाज दोनों होंगे तय समय पर

A tall order: धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में शुक्रवार...