दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े मामले में क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
Arrested: फरीदाबाद/दिल्ली। फरीदाबाद जिले की अल-फलाह यूनिवर्सिटी और अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई यूजीसी की शिकायत पर दर्ज दो एफआईआर और दिल्ली ब्लास्ट के बाद शुरू हुई जांच के आधार पर की गई है।
सिद्दीकी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर चुका है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद तेज हुई जांच
दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्टों की भूमिका जांच के घेरे में आई थी।
इसी सिलसिले में ED ने अल-फलाह ग्रुप और जावद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की चार्जशीट दाखिल की, जिस पर 31 जनवरी को दिल्ली की साकेत कोर्ट में सुनवाई हुई।
4 बिंदुओं में अब तक की बड़ी कार्रवाई
1️⃣ 140 करोड़ की संपत्ति अटैच
ED ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी करीब ₹140 करोड़ की संपत्तियां अटैच की हैं।
इनमें शामिल हैं—
- फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में 54 एकड़ जमीन
- यूनिवर्सिटी की मुख्य इमारत
- स्कूल, विभागों की इमारतें
- हॉस्टल
ED ने इन्हें ‘अपराध की आय’ (Proceeds of Crime) मानते हुए PMLA के तहत कुर्क किया है।
2️⃣ NAAC मान्यता को लेकर फर्जीवाड़े का आरोप
ED ने कोर्ट को बताया कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने
NAAC से मान्यता होने का झूठा दावा किया।
जांच में सामने आया कि—
- NAAC की मान्यता समाप्त हो चुकी थी
- फिर भी छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर
- उसी आधार पर दाखिले लेकर फीस वसूली गई
3️⃣ 415 करोड़ रुपये की अपराध की आय का आरोप
ED ने 18 नवंबर को अल-फलाह ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
करीब 12 घंटे की रेड के बाद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया था।
ED का दावा है कि—
झूठी मान्यता और फर्जी पहचान दिखाकर
₹415.10 करोड़ की अवैध आय अर्जित की गई।
4️⃣ नकदी, डिजिटल डिवाइस और फंड लेयरिंग
छापेमारी में—
- नकदी
- डिजिटल डिवाइस
- वित्तीय दस्तावेज
बरामद हुए हैं।
ED का आरोप है कि—
- कई ठेके परिवार से जुड़ी संस्थाओं को दिए गए
- फंड की लेयरिंग कर मनी ट्रेल छिपाने की कोशिश की गई
- वरिष्ठ अधिकारियों ने वित्तीय फैसलों में सिद्दीकी की भूमिका की पुष्टि की
क्राइम ब्रांच की अलग एफआईआर
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने
निजी विश्वविद्यालय के संचालन, अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में अलग से केस दर्ज किए थे,
उसी के तहत अब सिद्दीकी की गिरफ्तारी की गई है।
साभार….
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