सागौन की अवैध कटाई का भी आरोपी पर दर्ज है मामला
Bail rejected: चिचोली। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने वन अपराध के एक गंभीर मामले में आरोपी अर्जुन यादव की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। न्यायालय ने पर्यावरण और वन्यजीवों को पहुँचाई गई क्षति को गंभीर मानते हुए आरोपी को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला बैतूल जिले के वन परिक्षेत्र चिचोली (सामान्य) का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी अर्जुन यादव पर आरोप है कि उसने अवैध रूप से चार बेशकीमती सागौन के वृक्षों की कटाई की। इस अवैध कृत्य के दौरान न केवल वन संपदा को नुकसान पहुँचा, बल्कि एक मोर के घोंसले को भी नष्ट कर दिया गया, जिससे उसमें रखे अंडे टूट गए।
इन धाराओं है केस दर्ज
आरोपी को 1 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था। उसके विरुद्ध निम्नलिखित अधिनियमों के तहत प्रकरण (क्रमांक 837/72) दर्ज है। इनमें भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26(1), वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(15), 2(16), 9, 51 एवं 52 के तहत मामला दर्ज है।
न्यायालय की टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने अपराध की प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र को हुई क्षति पर कड़ा रुख अपनाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपी द्वारा अब तक जेल में बिताई गई अवधि अपराध की गंभीरता को देखते हुए पर्याप्त नहीं है।
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