Big reason:: लाइफस्टाइल डेस्क। युवाओं और किशोरों में समय से पहले सफेद बाल होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह केवल उम्र बढ़ने का संकेत नहीं, बल्कि तनाव, पोषण की कमी और बिगड़ी लाइफस्टाइल का परिणाम भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही डाइट, प्राकृतिक उपाय और समय पर देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।
तनाव और खराब दिनचर्या मुख्य कारण
आजकल अनियमित दिनचर्या, अत्यधिक तनाव और खानपान की लापरवाही सालों पहले ही बालों का काला रंग छीन रही है। यह समस्या केवल बाहरी नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी असंतुलन की ओर भी इशारा करती है।
इन न्यूट्रिएंट्स की कमी से बढ़ती समस्या
आयुर्वेद के अनुसार असमय सफेद बाल वात दोष, रक्त धातु की गड़बड़ी और हॉर्मोनल असंतुलन से जुड़े होते हैं।
विटामिन B12, आयरन, फोलिक एसिड, मिनरल्स की कमी, नींद की कमी, तनाव और लगातार थकावट इसके प्रमुख कारण हैं।
वैज्ञानिक कारण: मेलानिन की कमी
वैज्ञानिकों के मुताबिक जब शरीर में मेलानिन कम बनने लगता है, तब बालों का रंग फीका पड़ने लगता है। तनाव, Poor Sleep, B12 की कमी और हॉर्मोनल गड़बड़ी मेलानिन उत्पादन को प्रभावित करती है।
प्राकृतिक उपाय जो दे सकते हैं राहत
आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों को समय से पहले सफेद बाल रोकने में प्रभावी माना गया है—
- आंवला
- भृंगराज
- ब्रह्मी
- करी पत्ता
- गुड़हल
- जटामांसी
- मुलेठी
- नीम पाउडर
इनका नियमित सेवन या बालों में उपयोग जड़ों को मजबूत करता है और नैचुरल पिगमेंट को बढ़ावा देता है।
विशेषज्ञों की सलाह
सही पोषक आहार, पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और केमिकलयुक्त उत्पादों से दूरी—ये सभी कदम समय से पहले सफेद बाल रोकने में सहायक हो सकते हैं।
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