भोपाल में संघ की सामाजिक सद्भाव बैठक, मोहन भागवत और संघ पदाधिकारी रहे मौजूद
Big statement: भोपाल। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तुलना भगवान शिव से करते हुए कहा है कि जैसे महादेव विष पीकर सृष्टि और धर्म की रक्षा करते हैं, वैसे ही RSS भी विष पीकर राष्ट्र की रक्षा के कार्य में लगा हुआ है। यह बयान उन्होंने शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में RSS द्वारा आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान दिया। इस कार्यक्रम में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय भी मंच पर उपस्थित रहे।
संघ शिव की तरह मौन रहकर करता है राष्ट्र सेवा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्ग अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटे हैं।
उन्होंने कहा,
“हमें आत्मचिंतन करना चाहिए कि हमने राष्ट्र के लिए क्या किया। जन्म किसी भी जाति में हो, लेकिन पहचान अंततः हिंदू, सनातनी और भारतीय की ही होती है।”
धर्मांतरण आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा
पंडित प्रदीप मिश्रा ने धर्मांतरण को गंभीर षड्यंत्र बताते हुए कहा कि यह केवल वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करने वाला विषय है।
उन्होंने कहा कि समाज को इससे सजग रहना होगा और अपने मूल संस्कारों की रक्षा करनी होगी।
‘ग्रीन महाशिवरात्रि’ सामाजिक समरसता का उदाहरण
पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने ‘ग्रीन महाशिवरात्रि’ अभियान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि घर-घर मिट्टी के शिवलिंग की पूजा सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण बन रही है और यह पहल सराहनीय है।
विविधता में एकता ही भारत की पहचान: मोहन भागवत
RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि विविधता के बावजूद एकता ही भारत की असली पहचान है।
उन्होंने कहा,
“बाहरी रूप से हम अलग दिख सकते हैं, लेकिन राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के स्तर पर हम सभी एक हैं। हिंदू कोई संज्ञा नहीं, बल्कि एक स्वभाव है, जो पूजा पद्धति, मत या जीवनशैली के आधार पर विवाद नहीं करता।”
उन्होंने आगे कहा कि हजारों वर्षों से अखंड भारत में रहने वाले सभी लोगों का डीएनए एक है।
सामाजिक समरसता का संदेश
इस सामाजिक सद्भाव बैठक के माध्यम से समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
साभार…
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