राजगढ़ में 100 प्रतिशत, प्रदेश में आया अव्वल
Campaign: बैतूल। सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के लिए सरकार ने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रथम चरण में 14 से 15 साल की किशोरियों को वैक्सीन लगाई जानी है। इसको लेकर मध्यप्रदेश के सभी जिलों को लक्ष्य दिया गया है और इस लक्ष्य को पूरा करने में कई जिले तो आगे चल रहे हैं और कई जिले पीछे चल रहे हैं। जहां राजगढ़ जिला पूरे प्रदेश में 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने में सफल रहा है तो वहीं बैतूल 6 अप्रैल तक की जानकारी के अनुसार अभी 13 वें नंबर पर चल रहा है। समय पर लक्ष्य पूरा ना होने को लेकर अधिकारियों का मानना है कि वैक्सीन को लेकर भ्रम की स्थिति होने के कारण अभिभावक वैक्सीन लगाने के लिए अनमति नहीं दे रहे हैं और उन्हें जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चला रहा है।
13 वें नंबर पर है बैतूल
बैतूलवाणी को मिली जानकारी के अनुसार 6 अप्रैल तक बैतूल जिला प्रदेश में 13 वें स्थान पर था। बैतूल को 15217 वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया था और 6 अप्रैल तक बैतूल जिले में 8900 वैक्सीन लगाई गई जिसका प्रतिशत 58.49 है। वहीं राजगढ़ जिले को 15942 वैक्सीन लगाने का लक्ष्य मिला था। राजगढ़ में 6 अप्रैल को अपना लक्ष्य 100 प्रतिशत पूरा कर दिया है। डिडोंरी जैसे छोटे जिले लक्ष्य पूरा करने में दूसरे नंबर पर है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम में पिछड़ रहा बैतूल
स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय कार्यक्रम में पिछड़ा नजर आ रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई कार्यक्रम शुरू किए हैं और इन कार्यक्रमों को लेकर जिले की स्थिति अच्छी नही बताई जा रही है। यही कारण है कि बार-बार वरिष्ठ अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय कार्यक्रम में गति लाने के लिए निर्देश देते रहते हंै। एचपीवी वैक्सीन भी राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा एक अभियान है। जिसकी स्थिति वर्तमान में बैतूल में ठीक नहीं है।
क्यों भ्रम दूर नहीं कर पा रहा विभाग?
एचपीवी वैक्सीन को लेकर हकीकत यह है कि यही वैक्सीन निजी डॉक्टरों द्वारा 7 से 8 हजार रुपए लेकर वर्षों से लगाई जा रही है। लेकिन इसी वैक्सीन को जब सरकार ने किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने नि:शुल्क लगाना प्रारंभ किया तो जानबूझकर सोशल मीडिया पर यह भ्रांतियां फैलाई जा रही है कि इस वैक्सीन के लगाने से बांझपन हो जाएगा। इसके अलावा यह भी भ्रांति फैलाई जा रही है कि वर्तमान में वैक्सीन ट्रायल चल रहा है और यह किशोरियों पर हो रहा है। जबकि हकीकत यह है कि एचपीवी वैक्सीन ना सिर्फ पूरी तरह से सुरक्षित है बल्कि किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने में महत्वपूर्ण रोल अदा करती है। इस वैक्सीन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर ध्यान न देते हुए निजी डॉक्टरों के पास जाकर 7 से 8 हजार रुपए में वैक्सीन लगाने के बजाए सरकार द्वारा किए जा रहे वैक्सीनेशन का लाभ ले।
जानबूझकर फैलाया जा रहा भ्रम: डॉ. उपाध्याय
एचपीवी वैक्सीन के मामले में बैतूल 13 वें नंबर पर होने को लेकर बैतूलवाणी ने जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि सरकार इस वैक्सीन को नि:शुल्क लगवा रही है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो चल रहे हैं जिससे लोगों में भ्रम फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है और जल्द ही लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। आज तक कुल 10096 वैक्सिनेशन हुआ है।
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