Decision: बैतूल। उप मंडलाधिकारी सारनी (सामान्य) के ग्राम लखीपुर (चोपना कैंप) निवासी अनाथ पिता निरोध माली के विरूद्ध वन प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 39, 40, 51 के तहत न्यायालय में इस बावत प्रकरण पेश किया था कि आरोपी के घर से तेंदुए की खाल बरामद की गई थी। उक्त मामला वन अपराध क्रं. 69/05 दिनांक 25 अप्रैल 2016 को पंजीबद्ध हुआ था।
अभियोजन ने आरोप सिद्ध करने के लिए बीट गार्ड विनय तिवारी, वन परिक्षेत्र सहायक चोपना मंगरू सिंह धुर्वे, रेंजर सारनी मंगेश बुंदेला, वन पाल शिव कुमार उइके, परिक्षेत्र सहायक हवसू लाल उइके, बीट गार्ड केवलराम भलावी, वन रक्षक प्रेमवती, वन रक्षक मेघराज यादव, चौकीदार महेश पटेल, बीट गार्ड ओमप्रकाश पाल के कथन अधिनस्थ न्यायालय में करवाए थे जहां आरोपी को दोषी पाया गया था। उक्त निर्णय के विरूद्ध अपीलार्थी आरोपी अनाथ माली ने सत्र न्यायालय में अपील की थी जहां दांडिक अपील क्रं. 46/2023 में निर्णय दिया है कि अभियोजन यह प्रमाणित करने में असफल रहा कि आरोपी अनाथ माली ने स्वयं के मकान में तेंदुए की खाल को अपने आधिपत्थ्य में रखा था और उसे पूरी तरह दोष मुक्त किया गया। अपीलार्थी अनाथ माली की ओर से पैरवी युवा अधिवक्ता सजल गर्ग ने की।
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