Decisive year: भोपाल। मध्य प्रदेश के लिए वर्ष 2025 उद्योग, निवेश और विकास योजनाओं के लिहाज से बेहद अहम साबित हुआ। वर्ष की शुरुआत राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) से हुई, जिसने प्रदेश को निवेश के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाई। दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद संभालने वाले डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2025 में कई नई नीतियों और योजनाओं के जरिए राज्य की विकास दिशा तय की।
जीआईएस में निवेश की बारिश
फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इसके साथ ही मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने वाला राज्य बन गया।
समिट में कृषि, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, परिधान, फुटवेयर, खिलौने, एयरोस्पेस व रक्षा उत्पादन, फार्मास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइस, ईवी विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण से जुड़ी नीतियों को मंजूरी दी गई। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन नीति 2025 को भी हरी झंडी दी गई।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने 42 लाख तक का लोन
प्रदेश में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अप्रैल 2025 से डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई।
25 से अधिक पशुओं की इकाई लगाने पर 42 लाख रुपए तक का ऋण और 25 से 33 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया। साथ ही सांची दुग्ध संघ और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच एमओयू हुआ।
परिवहन व्यवस्था के लिए नई पहल
प्रदेश में शहरी और ग्रामीण परिवहन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना शुरू की गई। इसके तहत राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जा रही है, जिसके लिए 101 करोड़ रुपए की प्रारंभिक पूंजी तय की गई है।
किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना
किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने भावांतर भुगतान योजना फिर से शुरू की। केंद्र सरकार द्वारा तय 5328 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी से कम कीमत मिलने पर अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की गई। प्रदेश में 24 अक्टूबर 2025 से खरीदी शुरू हुई।
बिजली बकायेदारों के लिए समाधान योजना
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के बावजूद बड़े बकायेदार सरकार के लिए चुनौती बने रहे। नवंबर 2025 में लाई गई समाधान योजना के तहत 100 प्रतिशत सरचार्ज माफी का प्रावधान किया गया।
इस योजना से करीब 90 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली और 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक का सरचार्ज माफ किया गया। योजना दो चरणों में लागू की गई, दूसरा चरण फरवरी 2026 तक चलेगा।
रामपथ के बाद श्रीकृष्ण पाथेय
रामपथ गमन के बाद सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय योजना शुरू की। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के गठन को मंजूरी दी गई। वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया।
महिलाओं और किसानों के लिए योजनाएं
- एक बगिया मां के नाम योजना: 30 हजार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं।
- मुख्यमंत्री कृषक प्रोन्नति योजना: धान उत्पादक किसानों को 4 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की सहायता।
गरीबों को मिलेगा मुफ्त प्लॉट
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना 2025 शुरू की गई। पात्र हितग्राहियों को मुफ्त प्लॉट दिए जाएंगे, जिन पर वे स्वयं आवास बना सकेंगे।
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