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Discussion of the curse: राजद की करारी हार के बाद फिर चर्चा में आए मदन प्रसाद

राजद की करारी हार के बाद फिर

टिकट कटने पर रोकर बोले थे ‘पार्टी 25 सीटों पर सिमट जाएगी’

Discussion of the curse: डिजिटल डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद की ऐतिहासिक हार के बाद अचानक एक शख्स फिर चर्चा में है—मदन प्रसाद, वही नेता जिन्होंने टिकट कटने पर रोते-रोते कहा था कि “राजद 25 सीटों पर सिमट जाएगी।”
चुनाव परिणामों में राजद ठीक 25 सीटों तक सीमित रह गई, और अब मदन का बयान पार्टी के लिए ‘श्राप’ की तरह चर्चा में है।


टिकट न मिलने पर रोते हुए जमीन पर लेट गए थे मदन प्रसाद

पटना में लालू यादव के घर के बाहर टिकट कटने की खबर मिलते ही मदन प्रसाद खुद पर काबू नहीं रख सके।

  • वे जमीन पर लेटकर जोर-जोर से रोने लगे,
  • और गुस्से में बोले—
    “राजद 25 सीटों पर सिमट जाएगी… मेरी आवाज कोई नहीं सुन रहा।”

उस समय उनका वीडियो वायरल हुआ था, और अब जब परिणाम उनकी भविष्यवाणी से मेल खाते दिखे, तो वे फिर सुर्खियों में लौट आए हैं।


चुनाव परिणाम के बाद बोले—मन दुखी है, पर भगवान की मर्जी

चुनाव हार के बाद मदन ने कहा कि वे पार्टी की हालत से बेहद दुखी हैं, लेकिन इसे नियति मानते हैं।

उन्होंने कहा—
“मन दुखी जरूर है, पर भगवान जो करता है अच्छे के लिए करता है। पार्टी में कुछ लोग हैं जो इसे बर्बाद कर रहे हैं। जब तक उन्हें बाहर नहीं किया जाएगा, सुधार नहीं होगा।”

उनके इस बयान को राजद की अंदरूनी खींचतान पर बड़ा संकेत माना जा रहा है।


तीन दशक की वफादारी, 2020 में मिला था टिकट का भरोसा

मदन प्रसाद ने बताया कि—

  • वे तीन दशक से राजद से जुड़े हैं,
  • 2020 में लालू यादव ने टिकट देने का भरोसा भी दिलाया था,
  • तेली समुदाय की जनसंख्या को लेकर विशेष सर्वे तक करवाया गया था,
  • टिकट की तैयारी में उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी,

लेकिन 2025 में अचानक टिकट संतोष कुशवाहा को दे दिया गया।
यही फैसला उनके टूटने का कारण बना।


राजद के भीतर बढ़े सवाल

राजद की हार के बाद अब पार्टी कार्यकर्ताओं में भी चर्चा है कि—

  • क्या मदन प्रसाद की भविष्यवाणी महज भावनाओं में दिया गया बयान था
  • या यह टिकट वितरण में गहरी असंतुष्टि का संकेत था
  • क्या पार्टी आंतरिक गुटबाजी का शिकार हुई

विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 के परिणामों ने इन सवालों को और तेज कर दिया है।

साभार… 

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