9 मिनट तक ललाट पर पड़ी नीली किरणें, 10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Divine Sun Tilak: रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या राम मंदिर में शुक्रवार दोपहर अभिजीत मुहूर्त (12 बजे) पर रामलला का भव्य सूर्य तिलक संपन्न हुआ। करीब 9 मिनट तक भगवान के ललाट पर नीली किरणें पड़ती रहीं, जिससे मंदिर परिसर में अद्भुत और दिव्य दृश्य देखने को मिला।
🙏 प्राण-प्रतिष्ठा के बाद दूसरा सूर्य तिलक
यह आयोजन प्राण-प्रतिष्ठा के बाद दूसरा सूर्य तिलक रहा।
- सूर्य तिलक के साथ ही रामलला के जन्म का प्रतीकात्मक क्षण माना गया
- गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे
- विशेष पूजा, मंत्रोच्चार और आरती की गई
➡️ सूर्य तिलक के बाद कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए।
🍽️ 56 भोग और विशेष सजावट
- रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया
- गर्भगृह को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया
- सुबह 5:30 बजे पीतांबर पहनाकर आरती की गई
🔬 हाईटेक सिस्टम से हुआ सूर्य तिलक
सूर्य तिलक के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया गया—
- अष्टधातु के 20 पाइप से बना करीब 65 फीट लंबा स्ट्रक्चर
- 4 लेंस और 4 मिरर की मदद से सूर्य की किरणें गर्भगृह तक पहुंचाई गईं
- सटीक समय पर किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर केंद्रित की गईं
➡️ यह आयोजन आस्था और आधुनिक विज्ञान का अनूठा संगम बनकर सामने आया।
⏰ दर्शन का समय बढ़ाया गया
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए—
- दर्शन का समय 3 घंटे बढ़ाया गया
- अब सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक (18 घंटे) दर्शन
- पहले समय: सुबह 6:30 से रात 9:30 तक
👥 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार—
- करीब 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे
- राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर लंबी कतारें
- पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल
- साभार…
Leave a comment