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Plight: मध्य प्रदेश में टमाटर किसानों की दुर्दशा: लागत से कम दामों पर बिक्री

मध्य प्रदेश में टमाटर किसानों की

Plight: भोपाल: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के किसान दीपक गेहलोद ने 8 एकड़ में टमाटर की खेती की, लेकिन फसल बाजार में पहुंचने के बाद उनकी उम्मीदें टूट गईं। प्रति एकड़ 1 लाख रुपए तक की लागत के बावजूद टमाटर की कीमत 1 से 2 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।

क्यों गिरे टमाटर के दाम?

कृषि विज्ञान केंद्र, शाजापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसएस धाकड़ ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश और अनुकूल मौसम के कारण टमाटर की पैदावार बंपर हुई। शिवपुरी, छिंदवाड़ा, सागर, सतना, दमोह, रायसेन, अनूपपुर, सिंगरौली, रीवा, जबलपुर, शाजापुर, उज्जैन, आगर-मालवा, विदिशा और सीहोर जैसे जिलों में टमाटर की अत्यधिक आवक से बाजार में आपूर्ति बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।

प्रमुख मंडियों में टमाटर के भाव:

  • भोपाल: थोक भाव 2-5 रुपए प्रति किलो, फुटकर में 8-10 रुपए प्रति किलो
  • इंदौर: क्वालिटी के अनुसार थोक में 3-5 रुपए प्रति किलो
  • जबलपुर: थोक में 8-10 रुपए प्रति किलो, फुटकर में 12-15 रुपए प्रति किलो
  • ग्वालियर: थोक में 4 रुपए प्रति किलो, फुटकर में 8 रुपए प्रति किलो
  • पांढुर्णा: 30-50 रुपए प्रति कैरेट (25-30 किलो)
  • श्योपुर: 1 रुपए प्रति किलो तक गिरावट
  • मुरैना: थोक में 5 रुपए प्रति किलो, फुटकर में 20 रुपए में ढाई किलो

किसानों की स्थिति

  • बड़वानी: टमाटर की कीमत 2 रुपए प्रति किलो तक गिरने के कारण किसानों ने टमाटर मवेशियों को खिलाना शुरू कर दिया है।
  • पांढुर्णा: किसान खेतों में ही मवेशियों को टमाटर चराने के लिए छोड़ रहे हैं।
  • श्योपुर: किसान महावीर मेरोठा और मुकेश मीणा को भारी नुकसान हुआ है। पिछले साल 25 किलो की कैरेट 600 रुपए में बिकती थी, जबकि इस बार 30 रुपए में बिक रही है।
  • शिवपुरी: कुछ किसानों ने टमाटर की फसल गोशालाओं को दान कर दी है।

समस्या के संभावित समाधान:

  1. सरकारी हस्तक्षेप: किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाए।
  2. प्रसंस्करण इकाइयां: टमाटर प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देना जिससे उत्पाद का उपयोग किया जा सके।
  3. निर्यात प्रोत्साहन: टमाटर के निर्यात को प्रोत्साहित किया जाए।
  4. कोल्ड स्टोरेज सुविधा: बेहतर कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि किसान अपनी उपज को लंबे समय तक संरक्षित रख सकें।

मध्य प्रदेश के किसानों की इस स्थिति को देखते हुए जल्द ही ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि उन्हें उचित दाम मिल सके और वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें।

source internet…  साभार…. 

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