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Politics: BMC नतीजों के बाद महाराष्ट्र की सियासत में नया पेंच

BMC नतीजों के बाद महाराष्ट्र की

मेयर पद को लेकर BJP–शिंदे गुट आमने-सामने, होटल पॉलिटिक्स शुरू

Politics: मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनावी नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। भाजपा मुंबई में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और पहली बार भाजपा का मेयर बनने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। लेकिन इसी बीच एकनाथ शिंदे गुट के तेवरों ने महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिंदे गुट ने अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा स्थित होटल ताज लैंड्स एंड में ठहरा दिया है। होटल के बाहर कड़ा पहरा है और अंदर राजनीतिक बैठकों का दौर जारी है। इससे सियासी हलकों में हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाएं और तेज हो गई हैं।


मेयर पद पर शिंदे गुट का दावा

सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट का तर्क है कि 2026 शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष है। ऐसे में कम से कम ढाई साल तक मुंबई का मेयर शिवसेना से होना चाहिए। इसी मांग को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच खींचतान शुरू हो गई है।


राउत का आरोप—भाजपा को मेयर नहीं बनने देना चाहते शिंदे

रविवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे खुद नहीं चाहते कि BMC में भाजपा का मेयर बने। इसी कारण वे पार्षदों को होटल में रखे हुए हैं। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट ने बयान देकर अटकलों को और हवा दे दी कि “अगर भगवान चाहेंगे तो शिवसेना (UBT) का मेयर भी बन सकता है।”


होटल से ही नेता चयन, 2022 की बगावत की यादें ताजा

मुंबई के 227 वार्डों में से

  • भाजपा: 89 सीटें
  • शिंदे गुट: 29 सीटें
  • बहुमत का आंकड़ा: 114

भाजपा को बहुमत के लिए शिंदे गुट के समर्थन की जरूरत है। वहीं उद्धव ठाकरे द्वारा खेले गए ‘मराठी अस्मिता कार्ड’ के कारण शिंदे गुट की स्थिति सीमित हो गई है। ऐसे में शिंदे गुट ने मेयर पद को सौदेबाजी का हथियार बना लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, अगर भाजपा शिंदे गुट की मांग नहीं मानती, तो सत्ता के समीकरण बिगड़ सकते हैं। इसी आशंका के चलते तय किया गया है कि पार्टी नेता का चयन होटल में ही बैठक कर किया जाएगा। सभी 29 पार्षदों को बुधवार दोपहर 3 बजे तक होटल में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

यह घटनाक्रम 2022 की शिवसेना बगावत की यादें भी ताजा कर रहा है, जब विधायकों को रिसॉर्ट्स में शिफ्ट किया गया था।


2022 की बगावत का फ्लैशबैक

मई 2022 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ बगावत की थी। विधायक पहले सूरत और फिर गुवाहाटी गए।

  • 23 जून 2022: शिंदे ने 35 विधायकों के समर्थन का दावा किया
  • फ्लोर टेस्ट के बाद उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दिया
  • 30 जून 2022: शिंदे मुख्यमंत्री बने

इस पूरी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के नबाम रेबिया केस के फैसले का अहम रोल रहा।


पूरा विपक्ष भी जुटे तो बहुमत से 8 सीटें कम

  • शिवसेना (UBT): 65 सीटें
  • MNS: 6 सीटें
  • NCP (SP): 1 सीट
    कुल: 72 सीटें

इसके अलावा—

  • कांग्रेस: 24 सीटें
  • AIMIM: 8 सीटें
  • समाजवादी पार्टी: 2 सीटें

पूरा विपक्ष मिलकर भी 106 सीटों तक ही पहुंचता है, जो बहुमत से 8 सीट कम है। यहीं से दलबदल और खरीद-फरोख्त की आशंका गहराती नजर आ रही है। अगर ठाकरे गुट 8 पार्षद अपने पक्ष में कर लेता है, तो भाजपा का BMC पर कब्जा रुक सकता है।


मुंबई कांग्रेस में ‘गृहयुद्ध’

BMC चुनाव में करारी हार के बाद मुंबई कांग्रेस की आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। हार का ठीकरा मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ पर फोड़ने वाले नेता जगताप को कांग्रेस आलाकमान ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

साभार…

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