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Serious condition: दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक भारत, फिर भी मिलावट में चिंताजनक स्थिति

दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक भारत

एफएसएसएआई रिपोर्ट में 38% नमूने अमानक, पैकेज्ड दूध पर भी उठे सवाल

Serious condition: नई दिल्ली। भारत दुनिया में दूध उत्पादन के मामले में पहले स्थान पर है और वैश्विक उत्पादन में उसका योगदान लगभग 25 प्रतिशत है। लेकिन विडंबना यह है कि मिलावटी दूध के मामलों में भी देश चिंताजनक स्थिति में है। भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की वित्त वर्ष 2025 की रिपोर्ट के अनुसार जांचे गए दूध के 38 प्रतिशत नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।


मिलावट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी

एफएसएसएआई के आंकड़ों के अनुसार:

  • वित्त वर्ष 2015 से 2018 के बीच मिलावटी दूध के नमूनों में 16.64 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
  • वित्त वर्ष 2022 में जांचे गए 798 नमूनों में से लगभग आधे मिलावटी पाए गए, जो 2015 के बाद सबसे अधिक दर है।

हाल ही में ‘ट्रस्टिफाइड’ नामक एक स्वतंत्र टेस्टिंग प्लेटफॉर्म की रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुछ प्रतिष्ठित ब्रांड के पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया निर्धारित सीमा से 98 गुना तक अधिक पाया गया। इससे पैकेज्ड फूड सेफ्टी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।


उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:

  • वर्ष 2025 में देश का दूध उत्पादन 24.8 करोड़ टन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
  • पिछले 11 वर्षों में उत्पादन में 69.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गई, जबकि वैश्विक औसत लगभग 328 ग्राम है।

भारत वैश्विक दूध उत्पादन में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दुनिया में पहले स्थान पर बना हुआ है।


मिलावट में क्या-क्या मिला?

Indian Journal of Community Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार 330 दूध नमूनों में से 233 (70.6%) में मिलावट पाई गई।

  • 58.5% नमूनों में पानी की मिलावट
  • 23.9% में डिटर्जेंट
  • 9.1% में यूरिया
  • कई नमूनों में न्यूट्रलाइजर और आरारोट जैसे पदार्थ

एफएसएसएआई की ताजा मिल्क सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक:

  • उत्तर भारत में 47% अनपाश्चुराइज्ड दूध नमूने अमानक
  • दक्षिण भारत में 18%
  • पश्चिम भारत में 23%
  • पूर्वी भारत में 13%

डॉक्टर की सलाह: सावधानी ही बचाव

दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के इंटरनल मेडिसिन एवं संक्रामक रोग विभाग के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल के अनुसार:

  • हमेशा भरोसेमंद स्रोत से दूध खरीदें
  • पैकिंग और एक्सपायरी डेट जांचें
  • दूध को साफ बर्तन में अच्छी तरह उबालें
  • उबालने के बाद ढककर रखें या फ्रिज में स्टोर करें
  • लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें
  • खराब गंध या स्वाद लगे तो सेवन न करें

बढ़ता उत्पादन, लेकिन गुणवत्ता चुनौती

एक ओर जहां भारत दूध उत्पादन में विश्व में अग्रणी है, वहीं गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त निगरानी, नियमित जांच और उपभोक्ता जागरूकता से ही मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ अब जरूरत है कि गुणवत्ता भी उसी स्तर की सुनिश्चित की जाए।

साभार…

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