ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर कानून की तैयारी
Social media: डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक असर को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पर काम कर रही है। तैयारियों के अनुसार मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार ऑस्ट्रेलिया के मॉडल की तर्ज पर राज्य स्तर पर सोशल मीडिया उपयोग पर कानून लाने पर विचार कर रही है, खासकर 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए। यह संकेत आंध्र प्रदेश के तकनीकी एवं मानव संसाधन मंत्री नारा लोकेश ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक में दिए।
ऑस्ट्रेलिया मॉडल: 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध
नारा लोकेश ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने 10 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। इस मॉडल को देखने के बाद आंध्र प्रदेश सरकार भी इसी तरह के नियमित कानून को अपनाने पर विचार कर रही है।
उनके अनुसार:
- बच्चों की उम्र के मुताबिक ऑनलाइन कंटेंट हमेशा सुरक्षित या उपयुक्त नहीं होता।
- अनियंत्रित सोशल मीडिया उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के सख्त नियम
- टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित हैं।
- नियम तोड़ने पर प्लेटफॉर्म्स पर करीब ₹3.3 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यह पहला कानून है जिसने युवा उपयोगकर्ताओं की डिजिटल गतिविधि पर इतनी सख्ती से पाबंदी लगाई है।
भारत में फिलहाल स्थिति
वर्तमान में भारत में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर केंद्र या किसी राज्य सरकार द्वारा कोई विशेष कानूनी प्रतिबंध नहीं है।
यह पूरी तरह से अभिभावकों के नियंत्रण पर निर्भर है कि वे अपने बच्चों के डिजिटल व्यवहार को कैसे मैनेज करते हैं।
आंध्र प्रदेश में क्या हो सकता है?
अगर आंध्र प्रदेश सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है, तो यह भारत का पहला राज्य होगा जो बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को कानूनी रूप से नियंत्रित करेगा। सरकार का यह कदम डिजिटल सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षित परवरिश के लिहाज से नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
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