Strict Decision: भोपाल। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने संगठन को सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया कि जो निर्वाचित महासचिव और सचिव काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें पद से हटाया जाएगा।
इन निष्क्रिय पदाधिकारियों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर तैयार कर राष्ट्रीय संगठन को भेजी जाएगी। उनकी जगह उन युवाओं को मौका दिया जाएगा, जो बिना किसी पद के भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
13 अप्रैल को जबलपुर में प्रदर्शन
बैठक में यह भी तय हुआ कि 13 अप्रैल को जबलपुर में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
इसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब शामिल होंगे।
संगठन विस्तार पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने पहले ही हर पंचायत और वार्ड स्तर पर टीम बनाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि कई जगह यह काम अधूरा है। बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि इस जिम्मेदारी को जिला अध्यक्ष, प्रभारी और प्रदेश पदाधिकारी ठीक से नहीं निभा पाए। अब ऐसे पदाधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
भोपाल जिला अध्यक्ष विवाद पर जल्द फैसला
बैठक में भोपाल जिला अध्यक्ष के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
निर्वाचित अध्यक्ष अंकित दुबे के मामले में जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस प्रकरणों के चलते उन्हें पद से हटाकर दूसरे स्थान पर रहे अमित खत्री को अध्यक्ष बनाया गया था। इस मुद्दे पर बैठक में नारेबाजी भी देखने को मिली।
अनुशासन पर सख्त संदेश
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पदाधिकारियों से फीडबैक मांगा।
इस दौरान कुछ पदाधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष कुणाल चौधरी के समर्थकों से नजदीकी को लेकर सवाल उठाए।
हालांकि इसे अनुशासनहीनता नहीं माना गया, क्योंकि फीडबैक खुद मांगा गया था।
फिर भी संगठन ने स्पष्ट किया कि अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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