8 और 9 अप्रैल को प्रिंट मीडिया में बिना अनुमति नहीं छपेंगे राजनीतिक विज्ञापन
Strictness: तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मतदान के दिन और उससे एक दिन पहले यानी 8 और 9 अप्रैल को प्रिंट मीडिया में किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का विज्ञापन बिना अनुमति के प्रकाशित नहीं किया जा सकेगा।
चुनाव आयोग का सख्त फैसला
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन दो दिनों में कोई भी विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (MCMC) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह फैसला चुनाव के अंतिम चरण में भ्रामक, आपत्तिजनक और भड़काऊ विज्ञापनों के प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने जारी किए निर्देश
केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर ने शुक्रवार देर रात यह आदेश जारी किया। निर्देश के अनुसार, चुनाव के अंतिम समय में आने वाले विज्ञापन मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं, जबकि विरोधी पक्ष को जवाब देने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
क्या है MCMC और इसकी भूमिका
मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (MCMC) चुनाव आयोग द्वारा गठित एक विशेष समिति होती है, जिसका काम होता है:
- विज्ञापनों की सामग्री की जांच
- भ्रामक या भड़काऊ सामग्री पर रोक
- किसी समुदाय या व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कंटेंट को रोकना
समिति की अनुमति मिलने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किए जा सकते हैं।
निर्देश के मुख्य बिंदु
- प्रतिबंधित अवधि: 8 और 9 अप्रैल
- माध्यम: प्रिंट मीडिया
- अनिवार्यता: विज्ञापन के लिए पूर्व-प्रमाणन जरूरी
- समय-सीमा: प्रकाशन से कम से कम 2 दिन पहले आवेदन
संवैधानिक आधार
चुनाव आयोग ने यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
साभार…
Leave a comment