सरकारी सिस्टम से लेकर किसान और मरीजों तक पहुंचेगी तकनीक
Technology:भोपाल। एम्स भोपाल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अब पैथोलॉजी, एमआरआई, ओपीडी या डॉक्टरों के कक्ष खोजने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एम्स की पूरी बिल्डिंग का डिजिटल नेविगेशन सिस्टम तैयार किया गया है, जो बिल्कुल गूगल मैप की तरह काम करेगा।
भोपाल के एक स्टार्टअप द्वारा विकसित इस तकनीक में एम्स के मोबाइल ऐप या परिसर में लगे QR/बारकोड को स्कैन करने के बाद व्यक्ति जिस स्थान पर जाना चाहता है, उसे सर्च करते ही AI उसे सटीक रास्ता दिखाएगा। इससे समय की बचत होगी और मरीजों को मानसिक परेशानी से भी राहत मिलेगी।
ताज होटल में हुई रीजनल AI कॉन्फ्रेंस, दिखे कई इनोवेशन
भोपाल के होटल ताज में आयोजित रीजनल AI कॉन्फ्रेंस में ऐसे कई स्टार्टअप्स और तकनीकी नवाचार सामने आए, जो सरकारी सिस्टम, हेल्थ, कृषि और आम नागरिकों की समस्याओं को आसान बना रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार भी AI की मदद से कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
रोबोट करेगा 10 हजार स्क्वायर फीट की सफाई
C-1 क्लीनिंग रोबोट
इंदौर की फ्रबिरोबोटिक्स के रोहिताश दुबे ने बताया कि उनका C-1 क्लीनिंग रोबोट झाड़ू, पोछा और स्क्रबिंग—तीनों काम करता है।
- एक घंटे में 10 हजार स्क्वायर फीट की सफाई
- 100% ऑटोनॉमस
- एक बार एरिया मैप और टाइम सेट करने के बाद तय समय पर खुद सफाई
इसका उपयोग अस्पतालों, होटलों और बड़े कार्यालयों में किया जा रहा है।
आउटडोर लॉजिस्टिक्स रोबोट
यह रोबोट 500 किलो तक वजन का सामान ढो सकता है। इंदौर में इसकी टेस्टिंग हो चुकी है और अब अमेरिका के साउथ कैरोलिना के मर्टल बीच में इसका ट्रायल चल रहा है, ताकि मैनुअल लेबर को कम किया जा सके।
AI सिखाएगा बोलने का तरीका, फेसबुक ने की फंडिंग
ग्वालियर स्थित कॉमन स्कूल स्टार्टअप के संस्थापक कृष्णकांत ने बताया कि उनका प्लेटफॉर्म AI रोल-प्ले के जरिए कम्युनिकेशन स्किल्स सिखाता है।
- अब तक 40 हजार लोगों को ट्रेनिंग
- फेसबुक, IIT दिल्ली, IIT मंडी और HDFC बैंक से फंडिंग और सपोर्ट
एग्रीदूत बताएगा फसल की बीमारी और सिंचाई का सही समय
भोपाल बेस्ड एग्रीटेक स्टार्टअप एग्रीदूत के को-फाउंडर मृदुल श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म AI, सैटेलाइट और डिवाइस की मदद से किसानों को अलर्ट देता है—
- फसल में आने वाली बीमारी
- मौसम में बदलाव
- सिंचाई का सही समय
- मिट्टी में नमी और जैविक कार्बन की स्थिति
किसान पत्ती की फोटो स्कैन कर बीमारी की पहचान भी कर सकते हैं। अब तक 30 हजार किसान इससे लाभान्वित हो चुके हैं।
चैटबॉट से डॉक्टर से सलाह और दवा भी मिलेगी
मेडिवेंड स्टार्टअप के भरत ने बताया कि उनकी AI मशीन ग्रामीण इलाकों के लिए बनाई गई है।
- मरीज चैटबॉट के जरिए लक्षण बताएगा
- डॉक्टर ऑनलाइन सलाह देगा
- मशीन से ही प्राथमिक दवाएं मिलेंगी
सिंहस्थ में लोगों की मदद करेगा 3D प्रिंटेड रोबोट
यंगोवेटर के फाउंडर उदित ठक्कर ने बताया कि एमपी का पहला 3D प्रिंटेड रोबोट तैयार किया गया है, जो सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को जानकारी देगा।
- हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा में संवाद
- दर्शन, घाट और आयोजन की जानकारी
- इंसान को डिटेक्ट करने वाले सेंसर
- करीब 12 रोबोट तैनात करने की योजना
AI बताएगा तीन महीने पहले कौन सा बच्चा कुपोषित होगा
मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम द्वारा विकसित AI प्रोजेक्ट में—
- 55 जिलों के 60 लाख बच्चों की निगरानी
- हाईट, वजन, उम्र और जेंडर के आधार पर विश्लेषण
- तीन महीने पहले कुपोषण की संभावना का अनुमान
अब तक करीब 5 लाख कुपोषित बच्चों की पहचान की जा चुकी है।
चलती ट्रेन और उड़ते विमान में मिलेगा इमरजेंसी इलाज
जमनाहेल्थ टेक के फाउंडर अभिषेक चौकसे ने बताया कि उनकी डिवाइस—
- इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट के सभी जरूरी पैरामीटर लेती है
- चलती ट्रेन में सफल ट्रायल
- दुनिया में पहली बार उड़ते विमान में इलाज का लक्ष्य
- साभार…
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