हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट, संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Uproar: भोपाल : शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET 2026) के हालिया परिणामों ने शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच बड़ी हलचल पैदा कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहरा गया है।
केवल 8% शिक्षक ही हो सके सफल
1 फरवरी 2026 को आयोजित टीईटी परीक्षा में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।
- बिना टीईटी वाले करीब 80 हजार शिक्षकों में से
- केवल लगभग 5 हजार (8%) शिक्षक ही पास हो सके
इससे करीब 75 हजार शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के नतीजे
प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5):
- कुल परीक्षार्थी: 1,02,506
- सफल: 19,292
- असफल: 83,214
- पास प्रतिशत: 18.82%
उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8):
- कुल परीक्षार्थी: 1,82,384
- सफल: 36,377
- असफल: 1,46,007
- पास प्रतिशत: 19.94%
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी चिंता
सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का फैसला के अनुसार,
- सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य
- बिना TET के नौकरी और प्रमोशन दोनों पर रोक
इसी आदेश के पालन में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने व्यापमं के माध्यम से परीक्षा कराई थी।
शिक्षक संगठनों ने खोला मोर्चा
खराब परिणाम के बाद शिक्षक संगठन सक्रिय हो गए हैं।
- प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने विभाग को पत्र लिखकर
- ‘सीमित विभागीय TET’ आयोजित करने की मांग की
संगठनों का कहना है कि:
- वर्तमान पाठ्यक्रम बेहद कठिन है
- अनुभवी शिक्षक भी पास नहीं हो पा रहे
- विभागीय परीक्षा से समस्या का समाधान हो सकता है
DPI ने मांगा डेटा, नई योजना की तैयारी
लोक शिक्षण संचालनालय ने 13 मार्च 2026 को सभी जिलों से
- शिक्षकों का आयु
- श्रेणीवार डेटा
मांगा है, ताकि आगे की कार्ययोजना तैयार की जा सके।
दिल्ली में प्रदर्शन की चेतावनी
शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
प्रदेश शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी ने चेतावनी दी है कि:
- यदि नियमों में राहत नहीं मिली
- तो 4 अप्रैल को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा
- साभार…
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