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Light rain: एमपी में अगले 3 दिन हल्की बारिश, फिर गिरेगा पारा: इंदौर-जबलपुर में बरसेंगे बादल

एमपी में अगले 3 दिन हल्की बारिश

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दो सिस्टम एक्टिव, 3 नवंबर से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बढ़ेगी ठंड

Light rain: भोपाल। मध्यप्रदेश में नवंबर की शुरुआत बारिश और ठंडक भरे मौसम के साथ हो रही है। अगले तीन दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने के आसार हैं। इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल और उज्जैन संभाग में बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, जबकि ग्वालियर और भोपाल में बादल घिरे रहेंगे।

रविवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 10 जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दो लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके असर से यह बारिश हो रही है। हालांकि भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

इन जिलों में गिरेगा पानी

मौसम विभाग के अनुसार, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में हल्की बारिश की संभावना है। भोपाल में शाम या रात के समय फुहारें पड़ सकती हैं।

3 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी ठंड

3 नवंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसका असर 48 घंटे बाद मध्यप्रदेश पर दिखाई देगा। इसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं चलेंगी और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

अक्टूबर में 121% ज्यादा बारिश

अक्टूबर का महीना इस बार बारिश के मामले में 121% ज्यादा नम रहा। औसत 2.8 इंच के मुकाबले 1.3 इंच सामान्य बारिश होती है। भोपाल में 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री तक लुढ़क गया — जो पिछले 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रहा।

इंदौर में 10 साल की दूसरी सबसे ज्यादा बारिश

इंदौर में अक्टूबर में 3.4 इंच बारिश दर्ज की गई, जो 10 साल में दूसरी सबसे अधिक है। वहीं श्योपुर 6.52 इंच बारिश के साथ प्रदेश में नंबर-1 पर रहा। केवल खंडवा ऐसा जिला रहा जहां सामान्य से कम बारिश हुई, जबकि बाकी 53 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

नवंबर में बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर तेज होगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में पारा सबसे तेजी से गिरेगा।
इतिहास में ग्वालियर का न्यूनतम तापमान नवंबर में 3 डिग्री सेल्सियस (56 साल पहले) और उज्जैन का 2.3 डिग्री (52 साल पहले) दर्ज किया गया था।

फिलहाल, नवंबर के पहले सप्ताह में हल्की बारिश और बादलों के बाद ठंडी हवाओं के साथ ठंड बढ़ने की पूरी संभावना है।

साभार… 

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