Recruitment: भोपाल: मध्य प्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिव भर्ती के लिए नए नियमों का प्रारूप (ड्राफ्ट) जारी कर दिया है। नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार पंचायत सचिव बनने के लिए अब कम्प्यूटर प्रवीणता प्रमाणपत्र परीक्षा (CPCT) उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। साथ ही सचिवों का कैडर अब जिला स्तर पर बनाया जाएगा।
जिला स्तर पर होगा सचिव कैडर
ड्राफ्ट में कहा गया है कि
- प्रदेश के प्रत्येक जिले में जितनी ग्राम पंचायतें होंगी, उतने ही पंचायत सचिव पद स्वीकृत होंगे।
- सचिव का पद अब जिला कैडर का माना जाएगा।
- यह नियम मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत सचिव पद धारण करने वाले सभी व्यक्तियों पर लागू होंगे।
रोजगार सहायकों को 50% पदों में वरीयता
नए नियमों के अनुसार:
- सचिवों के कुल रिक्त पदों में प्रत्येक आरक्षित श्रेणी में 50% कोटा ग्राम रोजगार सहायकों के लिए आरक्षित रहेगा।
- वे रोजगार सहायक पात्र होंगे जो
- कम से कम 5 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हों, और
- सचिव पद के लिए निर्धारित सभी मापदंडों को पूरा करते हों।
भर्ती प्रक्रिया ऐसे होगी
- कर्मचारी चयन मंडल (ESB) सचिव भर्ती की पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा।
- जिला पंचायत के CEO हर साल 1 जनवरी की स्थिति में जिले के रिक्त पदों का विवरण संचालनालय को भेजेंगे।
- मंडल इन्हीं सूचनाओं के आधार पर परीक्षा आयोजित करेगा।
- चयनित उम्मीदवारों की सेवा पुस्तिका एवं व्यक्तिगत अभिलेख जनपद पंचायत कार्यालय में रखे जाएंगे।
CPCT पास करना जरूरी, हिंदी टाइपिंग भी अनिवार्य
सचिव और रोजगार सहायक दोनों पदों के उम्मीदवारों के लिए:
- कंप्यूटर दक्षता आवश्यक है,
- CPCT परीक्षा पास करना और हिंदी टाइपिंग होना अनिवार्य होगा।
दो से अधिक जीवित संतान होने पर अयोग्यता
ड्राफ्ट में यह भी प्रावधान किया गया है कि:
- जिस उम्मीदवार की दो से अधिक जीवित संतान हों, और
- उनमें से किसी एक का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ हो,
— वह पंचायत सचिव पद हेतु पात्र नहीं होगा।
एक माह तक मांगे जाएंगे सुझाव—फिर लागू होंगे नियम
नियमों के ड्राफ्ट पर लगभग एक माह तक दावे–आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद राज्य सरकार अंतिम नियम जारी करेगी।
साभार…
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