नर्स की फर्जी साइन कर लगाए जा रहे बिल
Fake signature: बैतूल। जिले में बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के नाम पर किस कदर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है इसका खुलासा उस समय हुआ जब एक शिकायत सामने आई। शिकायत को देखते हुए अफसरों के होश उड़ गए। दरअसल बायोमेडिकल वेस्ट उठाने वाला वाहन चालक नर्स के फर्जी साइन कर बिल पर बिल लगाए जा रहे हैं। अब इस मामले में अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच-पड़ताल प्रारंभ कर दी है। अब देखना यह है कि यह फर्जीवाड़ा करने वाले बायोमेडिकल वेस्ट उठाने वाली कंपनी के खिलाफ विभाग के अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है?
क्या है पूरा मामला?
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभात पट्टन के बीएमओ डॉ. संदीप धुर्वे ने सीएमएचओ बैतूल को पत्र लिखकर इस फर्जीवाड़े से अवगत कराया है। पत्र में बताया गया है कि इन इनवायरो क्लीन साल्युशंस नाम की कंपनी के द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट उठाने में अनियमितता एवं रसीदों पर जाली हस्ताक्षरों का उपयोग किया जा रहा है। पत्र में बताया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभात पट्टन एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मासोद, बिसनूर, बिरूलबाजार तथा अमरावती घाट की नर्सिंग इंचार्ज द्वारा शिकायत की गई है कि वाहन चालक उनके जाली हस्ताक्षर कर रहा है। शिकायत के साथ जाली हस्ताक्षर वाला पत्रक भी प्रस्तुत किया गया है। डॉ. धुर्वे ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
क्या है पूरी शिकायत?
बिसनूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्सिंग स्टाफ रूबिना बानो ने बीएमओ को शिकायत कर बताया कि इनवायरो क्लीन साल्युशंस एजेंसी का जो वाहन बायोमेडिकल वेस्ट उठाने का काम कर रहा है वह आता ही नहीं है। जिस कारण बायोमेडिकल वेस्ट का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी ने जो दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं उस पर हमारे नाम से जो साइन किए गए हैं वो हमने नहीं किए गए हैं बल्कि जाली हैं। यह धोखाधड़ी का मामला है और इसमें सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। रूबिना बानो के अलावा अमरावती घाट की नर्सिंग आफिसर पूजा गायकवाड़ ने भी इसी तरह की शिकायत की है।
नहीं उठ रहा बायो वेस्ट
बीएमओ डॉ. संदीप धुर्वे ने बताया कि अनुबंध के हिसाब से एजेंसी को प्रतिदिन बायो मेडिकल वेस्ट उठाना है। लेकिन वर्तमान एजेंसी के द्वारा प्रतिदिन बायो वेस्ट नहीं उठाया जा रहा है कि बल्कि हफ्ते में एक या दो बार ही उनका वाहन आता है। यह गंभीर मामला है। क्योंकि सरकार ने अस्पतालों को स्वच्छ रखने के लिए जो गाइड लाइन जारी की है उसी के हिसाब से एजेंसी को बायो मेडिकल वेस्ट उठाने का ठेका दिया गया है।
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