बैतूलवाणी की खबर पर सोशल मीडिया में हलचल
Outrage: बैतूल । लंबे समय से बैतूल सहित जिले के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर कई ट्रेनों के स्टापेजों को लेकर मांग होती रही है। मुलताई में तो आंदोलन, अनशन, बंद और कई तरह के प्रदर्शनों के बावजूद लोगों की मांग पूरी नहीं हुई है। इसी को लेकर कल बैतूलवाणी में प्रमुखता से कब होगी रेलवे की नजरें इनायत बैतूल जिले पर शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें यह उल्लेखित था कि बैतूल जिले के आसपास के सभी जिलों के जुझारू सांसद अपनी मेहनत और अप्रोच से अपने क्षेत्र को कई ट्रेनों के स्टापेज की सौगात दिलवा रहे हैं। लेकिन बैतूल में सांसद केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद संसदीय क्षेत्र की जनता को स्टापेज से सुविधा से वंचित रखे हुए हैं।
नई प्रारंभ तेलंगाना एक्सप्रेस का स्टापेज तो ट्रेन के शुरू होते ही हो सकता था लोगों ने सांसद को पत्र भी दिए लेकिन ढाक के तीन पात ही रही। वहीं विदिशा सांसद शिवराज सिंह ने अपनी संसदीय क्षेत्र में ट्रेनों के स्टापेज का अंबार लगवा दिया। पहली बार के निर्वाचित खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने पिछले एक वर्ष में अपने क्षेत्र में 8 ट्रेनें रूकवा दिए। पहली बार के ही होशंगाबाद सांसद दर्शन चौधरी ने भी ट्रेनें रूकवाई है। इस तरह से बैतूल जिले की सीमा से लगे चारों तरफ के सांसद लगातार जनता को ट्रेनों के स्टापेजों की सुविधा दिलवा रहे हैं।
बैतूलवाणी की कल की खबर पर सोशल मीडिया में लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दी है जिससे स्पष्ट हो रहा है कि लोग बैतूल जिले में ट्रेनों के स्टापेज ना होने के लेकर केंद्रीय मंत्री और सांसद से कितने नाराज हैं।
पढ़िए स्टापेज को लेकर किसने क्या लिखा?
बलवंत झोड़ ने कहा कि बैतूल जिला देश के मध्य भाग में स्थित है। इसलिए यहां ट्रेनों के स्टापेज करने की बजाए इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि बैतूल से चारों दिशाओं के लिए ट्रेन चले।
रवि चौहान ने कहा कि बैतूल से भोपाल जाने के लिए 12 बजे से पहले कोई ट्रेन नहीं है। सुबह के समय में एक भी गाड़ी नहीं है।
मनोज धोटे ने कहा कि बैतूल जिले के सांसद ने लोकसभा में बात रखने का जिगर चाहिए। जिस दिन जिले से कांग्रेस का सांसद बन गया उस दिन बता देना कौन सी ट्रेन का स्टापेज बैतूल जिले में करवाना है।
सतीष उमाठे ने कहा कि बैतूल से भैंसदेही होते हुए परतवाड़ा भी ट्रेन जाना चाहिए।
बसंत कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि बैतूल जिले के अलग-अलग स्टेशनों पर ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव के लिए तकनीकी संभावनाएं उपलब्ध है। हमें सकारात्मक अनुरोध करने की आवश्यकता है।
आकाश भाटिया ने कहा कि बहुत ही बढ़िया आंकड़ा आपने दिया। कैसे दूसरे नेता लड़कर अपने क्षेत्र की जनता को सीधा फायदा पहुंचा रहे हैं। अपने यहां आज भी यही दिक्कत है। भोपाल जाना हो तो गोंडवाना के बाद एक वंदे भारत है जिसका किराया ज्यादा है। उसके आगे-पीछे अनेक ट्रेनें भोपाल- दिल्ली से सीधी जुड़ती है उनको एक मिनट रोकने के प्रयास नहीं करवा पा रहे हैं सत्ता में बैठे मंत्री।।।
सुरेंद्र धोटे ने कहा कि शांति हरिद्वार जाने के लिए बैतूल से कोई ट्रेन नहीं है।
गजेंद्र राठौर ने कहा कि ट्रेन नं. 20844 बिलासपुर-बीकानेर ट्रेन, 20843 बिलासपुर-भगत की कोठी, पुरी- इंदौर इन गाड़ियों का पांढुर्णा में स्टापेज हैं पर बैतूल में नहीं है।
शैलेंद्र सोनी ने कहा कि जब भैया की मर्जी होगी।
रितेश खुराना ने कहा कि है क्या मुलताई के पास और हमारे आमला के पास। किस फेर में लगे हो आप।
पंकज कुमार कालभोर ने कहा कि भेापाल, उज्जैन रूट पर अकोदिया, काला पीपल (जो कि टप्पा तहसील है) स्टेशन पर वर्तमान में रोजाना 10-10 पैसेंजर एक्सप्रेस ट्रेनों का दोनों तरफ का स्टापेज है। और हमारे मुलताई में बमुश्किल 5-5 ट्रेन रूकती है और शाहपुर में तो एकाध मेमु ट्रेन रूकती है। पूर्व में मैं वहां ड्यूटी कर चुका है वहां के नेता दमदार है।
अक्षत सिंह परिहार ने कहा कि सांसद जी के बस में नहीं है, कुछ कम करो। थोड़ा समय और इतंजार करना होगा।
व्यंकटराव धोटे एडव्होकेट ने कहा कि भैया सांसद ने करना चाहिए भाई।
मनोज धोटे ने कहा कि इस सांसद के गृह जिले में चारों ओर एनएच हाईवे लाइन है जिले की जनता से इतने टोल वसूले जा रहे हैं कि भाजपा के सारे कार्यकर्ताओं, नेताओं, विधायकों, सांसद, मंत्रियों की सबकी बोलती बंद पड़ी है। सांसद लोकसभा में पीछे कोने में बैठे हैं कुछ बोल नहीं सकते, ऐसे लोगों को क्यों जनप्रतिनिधि चुन रहे हैं।
मुलताई के क्रांतिकारी नेता अनिल सोनी भी फेसबुक पर अपने विचार करते हुए लिख रहे हैं कि 2026 में मुलताईवासी उम्मीद करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के बैतूल सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष दो ट्रेनों का स्टापेज मुलताई में जरूर करवाएं। इनमें वंदे भारत एवं नागपुर-अमरावती-जबलपुर शामिल हैं।
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