लोकपथ 2.0’ एप की जानकारी साझा
1500 अभियंताओं को दी जा रही कैपेसिटी बिल्डिंग की ट्रेनिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
Inauguration: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को रविंद्र भवन में लोक निर्माण विभाग (PWD) के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम-सह-प्रशिक्षण सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर सरकार द्वारा विकसित किए गए नए मोबाइल एप ‘लोकपथ 2.0’ की विशेषताएं भी साझा की गईं।
लोकपथ 2.0 एप पर मिलेंगी ब्लैक स्पॉट से लेकर अस्पताल तक की जानकारी
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि लोकपथ 2.0 एप में सड़क दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट, मार्ग में आने वाले अस्पतालों और अन्य जरूरी जानकारियों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लगभग 1500 इंजीनियर कैपेसिटी बिल्डिंग प्रबंधन की ट्रेनिंग ले रहे हैं। इस अवसर पर विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय इंजीनियरों की जिम्मेदारियों, चुनौतियों और प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए तैयार किए गए नए फ्रेमवर्क की जानकारी दी।
हर इंजीनियर और विभाग का बनेगा ‘लोक कल्याण सूचकांक’
विक्रांत सिंह तोमर ने बताया कि लोक निर्माण विभाग में अब लोक कल्याण सूचकांक लागू किया गया है, जिसके तहत हर इंजीनियर और विभाग का अलग-अलग इंडेक्स तैयार किया जाएगा।
कर्मचारी स्तर से लेकर मंत्री स्तर तक एक डिजिटल डैशबोर्ड बनाया जाएगा, जिससे कार्यों की निगरानी संभव होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए अवार्ड सिस्टम भी लागू किया जाएगा। विभाग में रिसर्च आधारित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
लोकपथ एप की मौजूदा सुविधाएं
लोकपथ एप को 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। वर्तमान में एप में प्रदेश की मरम्मत योग्य नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग और ग्रामीण जिला मार्ग शामिल हैं। हालांकि निर्माणाधीन और क्षतिग्रस्त ग्रामीण मार्ग इसमें शामिल नहीं हैं। एप के जरिए नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में मरम्मत की जाती है और सुधार के बाद फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। गलत जानकारी होने पर शिकायतकर्ता रियल टाइम सत्यापन भी कर सकता है।
कैपेसिटी बिल्डिंग के नए फ्रेमवर्क पर हो रहा कार्य
कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण विभाग के कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
1 फरवरी 2025 को सभी इंजीनियरों का ट्रेनिंग नीड असेसमेंट किया गया था, जिसमें यह तय किया गया कि किस प्रकार का प्रशिक्षण, कितनी बार और किस माध्यम (ऑनलाइन, ऑफलाइन या ऑनसाइट) से दिया जाए। इसके तहत कार्यशालाएं, फील्ड डेमो, केस स्टडी और तकनीकी सेमिनार आयोजित किए गए। अब इसके आधार पर विभाग ने एक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया है, जिसमें रिफ्रेशर कोर्स और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल रहेंगे।
साभार…
Leave a comment