आरएसएस के 100 साल के सफर पर आधारित फिल्म ‘शतक’ के गीतों का विमोचन
Release: नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि संघ बदल नहीं रहा, बल्कि समय के साथ धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और अब समाज के सामने नए स्वरूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह बात रविवार को संघ कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। यह कार्यक्रम आरएसएस के 100 वर्षों के सफर पर आधारित आगामी फिल्म ‘शतक’ के गीत संग्रह के विमोचन के अवसर पर आयोजित किया गया था।
बीज वही, स्वरूप विकसित होता है
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे बीज से अंकुर निकलता है और समय के साथ वह परिपक्व वृक्ष का रूप ले लेता है, उसी तरह संघ का स्वरूप भी विकसित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ के मूल विचारों में कोई बदलाव नहीं आया है। “संघ आज भी उसी बीज के समान है, जिससे उसकी उत्पत्ति हुई थी,” उन्होंने कहा।
हेडगेवार और संघ पर्यायवाची
संघ प्रमुख ने कहा कि आरएसएस और उसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। संघ की सोच, कार्यप्रणाली और मूल्य हेडगेवार जी के विचारों से ही प्रेरित हैं।
हेडगेवार के व्यक्तित्व पर प्रकाश
भागवत ने डॉ. हेडगेवार के बचपन और व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए बताया कि महज 11 वर्ष की उम्र में उन्होंने प्लेग के कारण अपने माता-पिता को खो दिया था, लेकिन इस त्रासदी का उनके मनोबल पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा।
उन्होंने कहा कि हेडगेवार में शुरू से ही मानसिक मजबूती और उत्कृष्ट मानसिक स्वास्थ्य था, जिसने उन्हें बड़े झटकों का सामना करने में सक्षम बनाया। यह उनके व्यक्तित्व का अध्ययन योग्य पक्ष भी है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर फिल्म ‘शतक’ के गीतों के गायक सुखविंदर सिंह, फिल्म निर्देशक आशीष मॉल, सह-निर्माता आशीष तिवारी और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भैयाजी जोशी भी उपस्थित रहे।
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