Season: भोपाल। मकर संक्रांति बुधवार को मनाई जाएगी और इस दिन मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत ज्यादातर शहरों में दिन में धूप खिली रहेगी, हालांकि रात के समय ठंड का असर बना रहेगा। ग्वालियर-चंबल के साथ सागर और रीवा संभाग में तेज ठंड महसूस की जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम कोहरा देखा गया। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर और देवास सहित 15 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी 2 से 4 किमी के बीच रही।
पतंगबाजी के लिए मौसम अनुकूल
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार,
“बुधवार को प्रदेश में मौसम शुष्क (ड्राई) रहेगा। अगले चार दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।”
इस कारण मकर संक्रांति पर विशेषकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन संभाग) में पतंगबाजी के शौकीनों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
कोल्ड वेव या कोल्ड डे का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को प्रदेश में कहीं भी शीतलहर (Cold Wave) या कोल्ड डे का अलर्ट नहीं है। इससे लोग पर्व को बिना मौसम की बाधा के मना सकेंगे।
ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा इलाका
प्रदेश के उत्तरी हिस्से में उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण ठंड सबसे ज्यादा है।
सोमवार-मंगलवार की रात सबसे कम तापमान दर्ज किया गया—
- करौंदी (कटनी): 4.7°C
- चित्रकूट (सतना): 5.3°C
- नौगांव (छतरपुर): 5.5°C
- ग्वालियर: 6.5°C
इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8°C रहा।
भोपाल में 10.2°C, इंदौर में 9.5°C, उज्जैन में 11°C और जबलपुर में 9.5°C तापमान दर्ज किया गया।
कोहरे से ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित
घने कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस समेत करीब एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
15 जनवरी से नया सिस्टम, 2–3 दिन बाद असर
मौसम विभाग के अनुसार, 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 2 से 3 दिन बाद मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मावठा (हल्की बारिश) होने के आसार हैं।
जनवरी में क्यों रहती है सबसे ज्यादा ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी प्रदेश में सबसे ठंडे महीने होते हैं।
इन महीनों में उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाती है। पिछले 10 साल के आंकड़े भी इसी ट्रेंड की पुष्टि करते हैं।
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