Friday , 23 January 2026
Home Uncategorized Mysterious: महाभारत का रहस्यमय ‘18’: क्या यह सिर्फ संयोग है या गहरा आध्यात्मिक संकेत?
Uncategorized

Mysterious: महाभारत का रहस्यमय ‘18’: क्या यह सिर्फ संयोग है या गहरा आध्यात्मिक संकेत?

महाभारत का रहस्यमय ‘18’: क्या यह

Mysterious: धर्म डेस्क। महाभारत केवल दुनिया का सबसे विशाल महाकाव्य नहीं, बल्कि दर्शन, रहस्य और प्रतीकों से भरा हुआ एक आध्यात्मिक ग्रंथ भी है। इसे पढ़ते और समझते समय एक अंक बार-बार सामने आता है—18। कुरुक्षेत्र के युद्ध से लेकर श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों तक, महाभारत की कई महत्वपूर्ण परतें इसी संख्या के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती हैं। सवाल उठता है—क्या यह महज़ संयोग है या इसके पीछे कोई गहरा संदेश छिपा है?


महाभारत में ‘18’ की प्रमुख उपस्थिति

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित इस महाग्रंथ की रचना में 18 का स्थान विशेष माना गया है—

  • 18 दिन का महासंग्राम
    कुरुक्षेत्र का युद्ध पूरे 18 दिनों तक चला। हर दिन युद्ध की दिशा और परिणाम बदलते रहे और 18वें दिन अधर्म का अंत हुआ।
  • 18 पर्वों में विभाजन
    महाभारत को कुल 18 मुख्य पर्वों में बांटा गया है—आदि पर्व से लेकर स्वर्गारोहण पर्व तक।
  • श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्याय
    अर्जुन के मोह के समय भगवान कृष्ण ने जो दिव्य उपदेश दिए, वे गीता के रूप में संकलित हुए, जिनमें कुल 18 अध्याय हैं।
  • 18 अक्षौहिणी सेनाएं
    युद्ध में कुल 18 अक्षौहिणी सेनाएं उतरीं—कौरवों की 11 और पांडवों की 7।
  • युद्ध के बाद 18 प्रमुख जीवित योद्धा
    स्त्री पर्व के अनुसार, युद्ध के बाद पांडवों के पांचों भाई और श्रीकृष्ण सहित कुल 18 प्रमुख योद्धा ही जीवित बचे।

‘18’ का आध्यात्मिक अर्थ

अंक-शास्त्र के अनुसार 18 का मूलांक 9 (1+8) होता है, जिसे सनातन परंपरा में पूर्णता और परिपूर्णता का प्रतीक माना गया है। यह संकेत देता है कि महाभारत का युद्ध केवल सत्ता या भूमि के लिए नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना और चेतना की पूर्णता के लिए लड़ा गया था।


क्या संकेत देता है यह अंक?

महाभारत में ‘18’ का बार-बार उभरना बताता है कि यह महाकाव्य केवल कथा नहीं, बल्कि गहरी योजनाबद्ध प्रतीकात्मकता से रचा गया ग्रंथ है। यह संख्या मनुष्य को यह संदेश देती है कि वह अपने भीतर के विकारों, अहंकार और अधर्म पर विजय पाकर धर्म और मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़े। महाभारत का ‘18’ हमें यह याद दिलाता है कि जीवन का भी अपना एक कुरुक्षेत्र है—जहां अंततः धर्म की ही विजय सुनिश्चित होती है।

साभार…

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Events: छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है आज का दिन: नेहा गर्ग

सरस्वती विद्या मंदिर गाड़ाघाट में हुआ माँ सरस्वती का हवन-पूजन Events: बैतूल।...

Social media: सरकार बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने पर विचार कर रही

ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर कानून की तैयारी Social media: डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया...

Weather update: उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, बारिश‑बर्फबारी का अलर्ट

Weather update: नई दिल्ली। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार एक तीव्र...