Achievements: भोपाल में हुई मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 31वीं बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण के बेहतर प्रयासों के कारण जानवरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस स्थिति में मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए जनता को जागरूक करना और आवश्यक सतर्कता के उपाय बताना जरूरी है। उन्होंने वन विभाग और पर्यटन विभाग के बीच समन्वय कर वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को प्रकृति से जोड़ने वाले अनुभूति कार्यक्रम के विस्तार और अधिक स्कूलों को इससे जोड़ने पर ज़ोर दिया। बैठक में वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव वन संदीप यादव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बोर्ड सदस्य मौजूद रहे।
🌳 अन्य राज्यों से वन्य जीवों का आदान-प्रदान
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश से अन्य राज्यों को वन्य जीव दिए जा रहे हैं, इसके बदले उन राज्यों से भी जानवर लाए जाएं ताकि प्रदेश में वन्य जीवों की विविधता बढ़े। साथ ही अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस और नवाचारों को अपनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विश्वविद्यालयों और संस्थानों को जोड़कर वन और वन्य जीवों पर शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने और वन क्षेत्रों में स्थित पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण हेतु वन व पुरातत्व विभागों की संयुक्त कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा।
🐘 हाथी पर्यटन, सर्पदंश और डॉग स्क्वाड पर निर्देश
प्रदेश में हाथियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हाथी-केंद्रित पर्यटन गतिविधियां शुरू करने पर चर्चा हुई।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने हाथी प्रबंधन पर आलेख लेखन का प्रस्ताव रखा।
सीएम ने सर्पदंश से होने वाली मौतें घटाने के लिए हर ग्राम पंचायत में कम से कम दो लोगों को सांप पकड़ने और प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण देने तथा जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही डॉग स्क्वाड में देशी नस्लों को शामिल करने की पहल करने को कहा।
🐅 वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धियां
बैठक में बताया गया कि:
- गांधी सागर अभयारण्य, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व और कूनो नेशनल पार्क में 846 कृष्ण मृग और 67 नीलगायों का सफल पुनर्स्थापन हुआ।
- वन विहार नेशनल पार्क, भोपाल से 6 मगरमच्छ ओंकारेश्वर क्षेत्र में छोड़े गए।
- पेंच टाइगर रिजर्व से राम टाइगर रिजर्व (राजस्थान) के लिए एक मादा बाघ भेजी गई।
- असम से 50 जंगली भैंसें, 3 वर्षों में गेंडे का जोड़ा और किंग कोबरा मध्यप्रदेश लाए जाएंगे, जबकि मध्यप्रदेश से टाइगर, मगरमच्छ और गौर असम भेजे जाएंगे।
- नामीबियाई मादा चीता आशा ने दूसरी बार एक साथ 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया; प्रदेश में अब चीतों की संख्या 35 हो गई है।
- स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (नई दिल्ली) की संयुक्त कार्रवाई में 10 साल से वांछित अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को उत्तर सिक्किम में भारत-चीन सीमा के पास गिरफ्तार किया गया।
📑 नए अभयारण्यों और कॉरिडोर को मंजूरी
बैठक में बगदरा अभयारण्य, संजय टाइगर रिजर्व, सीधी बफर ज़ोन विस्तार, पन्ना टाइगर रिजर्व, पद्मडॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर टाइगर रिजर्व, सोन घड़ियाल अभयारण्य, कूनो राष्ट्रीय उद्यान (श्योपुर) और सतपुड़ा-पेंच टाइगर रिजर्व कॉरिडोर से जुड़े प्रस्तावों को वन्य जीव अनुमतियों सहित मंजूरी दी गई।
साभार…
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