परीक्षा, संबद्धता, नवनीकरण से लेकर डुप्लीकेट अंकसूची तक 25% से 80% तक वृद्धि
Increased fees: भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने परीक्षा शुल्क, स्कूल संबद्धता, नवनीकरण और डुप्लीकेट अंकसूची सहित विभिन्न मदों में 25 से 80 प्रतिशत तक फीस वृद्धि कर दी है। इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस फैसले का असर प्रदेश के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों पर पड़ेगा। खासतौर पर प्राथमिक शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) की पढ़ाई अब महंगी हो जाएगी।
📚 डीएलएड संबद्धता शुल्क में 50 हजार की बढ़ोतरी
मंडल के नए निर्णय के अनुसार डीएलएड संस्थानों को संबद्धता प्राप्त करने के लिए अब 2 लाख रुपये शुल्क देना होगा।
पहले यह राशि 1.5 लाख रुपये थी। यानी सीधे 50 हजार रुपये की वृद्धि की गई है।
संस्थान प्रबंधन का कहना है कि बढ़ी हुई राशि का भार अंततः विद्यार्थियों पर ही डाला जाएगा, जिससे पाठ्यक्रम शुल्क बढ़ना तय है।
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 30 हजार विद्यार्थी डीएलएड पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हैं। प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए डीएलएड अनिवार्य किए जाने के बाद प्रवेश संख्या लगातार बढ़ी है।
📝 डीएलएड परीक्षा शुल्क भी बढ़ा
- नियमित विद्यार्थियों के लिए सभी विषयों का शुल्क: 7,000 रुपये
- दूसरे अवसर में:
- 2 विषय तक: 3,000 रुपये
- 4 विषय तक: 5,000 रुपये
- 4 से अधिक विषय: 7,000 रुपये
🏫 स्कूल संबद्धता और नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि
🔹 10वीं की नई संबद्धता
- सरकारी स्कूल: 20,000 रुपये
- निजी स्कूल: 22,000 रुपये (2,000 रुपये वृद्धि)
🔹 12वीं की नई संबद्धता
- सरकारी स्कूल: 27,000 रुपये
- निजी स्कूल: 30,000 रुपये (3,000 रुपये वृद्धि)
🔹 नवीनीकरण शुल्क
- 10वीं (सरकारी): 7,000 रुपये
- 10वीं (निजी): 8,000 रुपये
- 12वीं (सरकारी): 9,000 रुपये
- 12वीं (निजी): 10,000 रुपये
💡 मंडल का तर्क: नवाचार पर बढ़ा खर्च
माशिमं के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य के अनुसार, परीक्षाओं में कई नवाचार लागू किए गए हैं, जिन पर अतिरिक्त खर्च हो रहा है। इसी कारण परीक्षा और संबद्धता शुल्क में वृद्धि की गई है। हालांकि, फीस बढ़ोतरी के इस फैसले से विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।
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