ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद होने से गैस सप्लाई प्रभावित, होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट
Commercial Gas::भारत में कुकिंग गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय हालात और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसका असर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में देखा जा रहा है। इस निर्णय के बाद होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और छोटे भोजनालय चलाने वाले कारोबारियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कई जगहों पर गैस की कमी के कारण होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद होने से सप्लाई पर असर
भारत में आने वाली LPG और LNG की बड़ी खेप मध्य-पूर्व से समुद्री मार्ग के जरिए आती है। इनमें सबसे अहम रास्ता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य तनाव के बाद यह मार्ग असुरक्षित हो गया है। सुरक्षा कारणों से कई तेल और गैस टैंकर इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं, जिसके कारण भारत सहित दुनिया के कई देशों में सप्लाई प्रभावित हुई है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का करीब 20% हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, जबकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से आयात करता है।
सरकार ने लागू किया आवश्यक वस्तु अधिनियम
सप्लाई प्रभावित होने के बाद केंद्र सरकार ने गैस वितरण को नियंत्रित करने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ के तहत कंट्रोल ऑर्डर जारी किया है। इसके तहत गैस की सप्लाई को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।
गैस सप्लाई की चार श्रेणियां
1. पहली श्रेणी (पूरी सप्लाई)
घरेलू रसोई गैस (PNG) और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG को पहले की तरह पूरी सप्लाई दी जाएगी।
2. दूसरी श्रेणी (खाद उद्योग)
खाद बनाने वाले कारखानों को लगभग 70% गैस दी जाएगी, ताकि कृषि उत्पादन प्रभावित न हो।
3. तीसरी श्रेणी (बड़े उद्योग)
नेशनल गैस ग्रिड से जुड़े बड़े उद्योगों और चाय फैक्ट्रियों को उनकी जरूरत का लगभग 80% गैस उपलब्ध कराया जाएगा।
4. चौथी श्रेणी (छोटे उद्योग, होटल-रेस्टोरेंट)
छोटे उद्योगों, होटल और रेस्टोरेंट को भी उनकी पुरानी खपत के आधार पर करीब 80% गैस देने का प्रावधान किया गया है।
कई राज्यों में बढ़ी परेशानी
मध्य प्रदेश:
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि हाल ही में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1773 रुपए से बढ़ाकर लगभग 1888 रुपए कर दी गई है। वे बढ़ी हुई कीमत देने को तैयार हैं, लेकिन सप्लाई रोकने से शादी के सीजन में परेशानी बढ़ गई है।
राजस्थान:
होटल-रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार इस फैसले से करीब 3 लाख लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
छत्तीसगढ़:
डीलरों को निर्देश दिए गए हैं कि एजुकेशनल संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर अन्य जगह कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सीमित रखें।
महाराष्ट्र:
मुंबई, पुणे और नागपुर में कॉमर्शियल गैस की भारी कटौती हुई है। पुणे में गैस से चलने वाले शवदाह गृह तक अस्थायी रूप से बंद करने पड़े हैं।
पंजाब:
8 मार्च से 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिस्पैच रोक दी गई है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश:
हैदराबाद सहित कई शहरों में कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग फिलहाल फ्रीज कर दी गई है।
घरेलू सिलेंडर बुकिंग के नियम बदले
सरकार ने गैस की जमाखोरी रोकने के लिए घरेलू सिलेंडर बुकिंग के नियम भी बदल दिए हैं। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। साथ ही गैस डिलीवरी के समय OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
कीमतों में भी बढ़ोतरी
सरकार ने हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ा दिए हैं।
- 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर: दिल्ली में 853 से बढ़कर 913 रुपए
- 19 किलो कॉमर्शियल सिलेंडर: करीब 115 रुपए की बढ़ोतरी के बाद लगभग 1883 रुपए
नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो चुकी हैं।
संकट से निपटने के लिए सरकार के कदम
सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं:
- पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन सरकारी तेल कंपनियों की हाई-लेवल कमेटी बनाई है
- सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं
- प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग घरेलू गैस उत्पादन के लिए प्राथमिकता से किया जाएगा
- अमेरिका सहित अन्य देशों से वैकल्पिक गैस कार्गो मंगाने पर विचार
भारत की प्रमुख तेल कंपनियां – इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम – को सप्लाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
साभार….
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