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Ultimatum: चार माह से प्यासा गांव, जिम्मेदार बेखबर, ट्रैक्टरों में भरकर थाने पहुंचे ग्रामीण

चार माह से प्यासा गांव, जिम्मेदार

पेयजल संकट से जूझ रहे विजयग्राम के लोगों ने दिया चक्काजाम का अल्टीमेटम

17 मार्च तक समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

Ultimatum: बैतूल (झल्लार)। भैंसदेही विकासखंड की विजयग्राम पंचायत में गहराते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। पिछले चार माह से नल-जल योजना बंद होने के कारण गांव के लोग पानी के लिए परेशान हैं। हालात से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को अनोखे तरीके से विरोध जताते हुए ट्रैक्टरों में सवार होकर झल्लार थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा और अपनी समस्या से अवगत कराया।ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 17 मार्च तक गांव में पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो वे विजयग्राम बस स्टैंड पर चक्काजाम कर आंदोलन करेंगे।

800 की आबादी पानी के लिए परेशान

ग्रामीणों के अनुसार विजयग्राम पंचायत के नीमढाना क्षेत्र में करीब 800 की आबादी रहती है। यहां पिछले चार माह से नल-जल योजना से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद पड़ी है। शुरू-शुरू में लोगों ने हैंडपंप और निजी बोरवेल से पानी की व्यवस्था कर ली थी, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ अब वे स्रोत भी जवाब देने लगे हैं। कई हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जबकि कुछ बोरवेल सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। ऐसे में गांव में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

महिलाओं और बच्चों पर बढ़ा बोझ

पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। गांव की महिलाएं रोजाना आधा किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय कर दूसरे स्थानों से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। कई बार उन्हें सुबह से ही पानी की तलाश में निकलना पड़ता है।

इस स्थिति के कारण घर के कामकाज के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत के सरपंच और सचिव को अवगत कराया गया। इसके अलावा कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक तक भी शिकायतें पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

मंगलवार को पंचायत स्तर पर इस गंभीर समस्या को लेकर एक बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें सरपंच और सचिव को बुलाया गया था, लेकिन दोनों ही बैठक में नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।

सड़क और पुलिया का काम भी अधूरा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की पुरानी सड़क लंबे समय से बंद पड़ी है और पुलिया का निर्माण कार्य भी अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके कारण लोगों को आवागमन में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के समय यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है।

थाने में सौंपा आवेदन

झल्लार थाने में दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 17 मार्च तक पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण विजयग्राम बस स्टैंड पर चक्काजाम कर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि स्थिति यहां तक पहुंचती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

साभार….

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