Major Change: भोपाल। मध्यप्रदेश में स्टेट जीएसटी व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। इसके तहत अब रिटर्न की जांच और अपील प्रक्रिया में तकनीक आधारित सिस्टम अपनाया जाएगा, जिससे करदाताओं को राहत और विभाग में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
दूसरे जोन के अधिकारी करेंगे रिटर्न की जांच
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी करदाता के जीएसटी रिटर्न की जांच उसी जोन के अधिकारी नहीं करेंगे, बल्कि दूसरे जोन के अधिकारी करेंगे।
- उदाहरण के तौर पर, भोपाल जोन के रिटर्न की जांच अब इंदौर, जबलपुर या ग्वालियर के अधिकारी करेंगे।
- प्रदेश में वर्तमान में 5 जोन और 15 डिवीजन कार्यरत हैं।
रिटर्न का चयन पूरी तरह कंप्यूटर द्वारा रेंडम तरीके से किया जाएगा, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और निष्पक्षता बढ़ेगी।
गड़बड़ी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
जांच के दौरान यदि किसी तरह की टैक्स चोरी या गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित करदाता के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई उसी मूल जोन में की जाएगी। इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर मनमानी और पक्षपात की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आयकर मॉडल पर आधारित नई प्रणाली
यह नई व्यवस्था पहले से ही आयकर विभाग में लागू है। केंद्र सरकार के निर्देश पर अब मध्यप्रदेश इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। वाणिज्यिक कर आयुक्त अनय द्विवेदी के अनुसार, इन बदलावों से करदाताओं को अधिक पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।
अपील की सुनवाई होगी पूरी तरह ‘फेसलेस’
1 अप्रैल से अपील प्रक्रिया भी पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी:
- करदाता, वकील या टैक्स प्रैक्टिशनर को दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी
- वे कहीं से भी ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हो सकेंगे
- केवल विशेष परिस्थितियों में लिखित आवेदन देकर फिजिकल सुनवाई की अनुमति मिलेगी
- साभार…
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