Strictness: देशभर के ब्लड बैंकों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Central Drugs Standard Control Organization (सीडीएससीओ) ने सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर्स के लिए e-RaktKosh Portal पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है।
🔍 क्या है इस फैसले का मकसद?
- देशभर में खून की उपलब्धता का केंद्रीकृत सिस्टम बनाना
- ब्लड की कालाबाजारी पर रोक लगाना
- मरीजों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना
⚖️ सबसे बड़ा बदलाव: अब इंस्पेक्शन से जुड़ा पोर्टल
इस बार सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि सख्त नियम लागू किए गए हैं:
- ड्रग इंस्पेक्टर अब पोर्टल डेटा और वास्तविक स्टॉक का मिलान करेंगे
- डेटा में गड़बड़ी मिलने पर सीधी कार्रवाई होगी
- पहली बार जवाबदेही तय की गई है
📊 30 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
- राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट देनी होगी
- सभी ब्लड बैंकों को अपनी जानकारी अपडेट और सत्यापित करनी होगी
🧬 डोनर डेटा भी होगा लिंक
- ब्लड डोनर्स का रिकॉर्ड अब:
- ABHA ID
- या आधार से जोड़ा जा सकेगा
👉 इससे पूरी ब्लड सप्लाई चेन ट्रैक और पारदर्शी बनेगी
⏳ पहले क्या स्थिति थी?
- 2022 में यह केवल एडवाइजरी थी (मानना जरूरी नहीं)
- कोई दंड प्रावधान नहीं होने से मनमानी बढ़ी
- पोर्टल को इंस्पेक्शन से नहीं जोड़ा गया
- कई राज्यों में लाइसेंसिंग अथॉरिटी निष्क्रिय रहीं
- छोटे ब्लड सेंटर्स में डिजिटल ट्रेनिंग की कमी
🚨 अब क्या बदला?
- पोर्टल से जुड़ना अब अनिवार्य
- नियम न मानने पर लाइसेंस पर कार्रवाई संभव
- देशभर के ब्लड स्टॉक पर एक क्लिक में नजर
- मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा
🧭 क्या होगा फायदा?
- मरीजों को समय पर खून उपलब्ध
- ब्लड बैंकों में पारदर्शिता और जवाबदेही
- कालाबाजारी और गलत डेटा पर कड़ी रोक
- साभार…
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